
एक तरफ जब देश के वित्त मंत्री संसद में अपना बजट पेश करेंगे उसी वक्त योगेन्द्र यादव और प्रशांत भूषण के नेतृत्व में चल रहा स्वराज अभियान देश के अन्य किसान संगठनों के साथ दिल्ली के इंडिया हैबिटैट सेंटर में सरकारी बजट के समानांतर किसानों का बजट पेश करेगा। हैबिटैट सेंटर के एम्फी थियेटर में यह कार्यक्रम 10 से 2 के बीच आयोजित होगा। जय किसान अभियान यह बतायेगा कि देश के किसान को इस बजट से क्या उम्मीदें हैं, वह बजट से क्या चाहता है और उसकी निगाह में देश का बजट कैसा है।
देश के अनेक किसान संगठन जय किसान आंदोलन के साथ मिलकर आयोजित किसान संसद सरकार के कृषि बजट के अवसर पर “किसान कृषि बजट ” पेश करेंगे यह वैकल्पिक दृष्टि पत्र सरकार से किसानो की अपेक्षा को अभिव्क्त करता है। किसानो की सरकार से अपेक्षा को रेखांकित करते इस वैकल्पिक दृष्टि पत्र के मुख्य बिंदु निम्न है।
इस दौरान इन बिदूओं पर होगी बात….
1 ) कृषि क्षेत्र के लिए एक मुस्त राहत
बजट में इसके लिए 2 लाख करोड़ रुपया आवंटित किया जाये जिससे किसान के सर पर खड़ा साहूकार का क़र्ज़ बैंक को ट्रांसफर हो सके , चुनिंदा क़र्ज़ माफ़ी हों,FCI किसानों की बकाया राशि अदा कर सके , यूनिवर्सल बीमा का तकनिकी प्रावधान हो सके व् किसानों को पिछले दो सालों का 10 हज़ार रुपए प्रति एकड़ की दर से मुआवजा दिया जा सके।
2 ) किसानों की आय गारंटी
राष्ट्रीय किसान आय आयोग की स्थापना की जाये। जिससे कमीशन के सुचारू काम काज को सुनिश्चित किया जाये।
3 ) न्यूनतम समर्थन मूल्य (एम एस पी )
न्यूनतम समर्थन मूल्य के लिए पचास हज़ार करोड़ रुपया आवंटित किया जाये , जिससे फसल की लागत से 50 % अधिक मूल्य दिया जाए व् इससे जुड़े योजनाओं को पूरा किया जाय ।
4 ) अधूरी पड़ी सिचाई योजना के लिए
देश में अधूरी पड़ी सिंचाई योजना के लिए 1 लाख करोड़ का बजट में राशि आवंटित की जाए , इस मद को केवल नयी व् छोटी योजना को पूरा करने के लिए,केवल छोटी नयी योजना आरम्भ करने के लिए इस्तमाल किया जाये । इस मद में से वेतन देने के लिए खर्च न किया जाये।
5 ) प्रकिर्तिक आपदा व् राष्ट्रीय खाद सुरक्षा अधिनियम
देश भर में किसानो के बकाया के पूर्ण अदायगी के लिए भारतीय खाद्य निगम (एफ सी आई ) के द्वारा आपेक्षित पूरी राशि का एकमुश्त आवंटन बजट में किया जाए ,जिसका पूरा ब्यौरा प्रशासनिक विभागों द्वारा किया जाये व् तीन महीनो के अंदर किसानो के राशि की अदायगी की जाये।
6 ) सांस्थानिक क़र्ज़
किसानो को क़र्ज़ देने के लिए बजट में 25000 करोड़ का आवंटन किया जाये , जसमे क़र्ज़ वितरण की आसान प्रक्रिया हो व् सभी बाधाएं दूर की जाये जिससे की कम पढ़े लिखे लोग, अनुसूचित जाति ,जनजाति ,पिछड़ा वर्ग के किसान ,छोटे किसान , कास्तकार को इन संस्थाओं से क़र्ज़ प्राप्त करने में मुश्किल न हों ।
7 ) आत्महत्या करने वाले किसान के परिवारों को सहायता
एक विशेष फण्ड स्थापित कर बजट में उसके लिए 3000 करोड़ का आवंटन किया जाये ताकि इस मद से पिछले दो साल में आत्महत्या करने वाले किसानो के परिवारों को रहत / सहायता दी जा सके।
8 ) कृषि शोध
कृषि शिक्षा व् शोध के लिए बजट में 10000 करोड़ रुपया आवंटित किया जाये जिससे गावं व् खेत उन्मुख शोध को बढ़ावा दिया जा सके। उपरोक्त कोष का उपयोग पौराणिक ज्ञान व् आधुनिक तकनीक का समग्र संयोजन कर नए नए खोज को बढ़ावा देने के लिए भी हो ।
9 ) परिस्थितकीय खेती (इकोलॉजिकल फार्मिंग )
बजट में (पारिस्थितिक खेती के लिए ) बजट में 3000 करोड़ रुपया किया जाये। जिसे पौराणिक फसल विविधता को पुनः पुनर्जीवित किया जा सके व् पशु नश्ल व् कृषि आधारित परिस्थितकीय खेती को पुनर्जीवित करने के प्रयासों को आगे बढ़ाया जा सके 16 के बजट में परिस्थितकीय खेती के लिए जो 300 करोड़ रुपया
10 ) दाल व् बीज उत्पादन में आत्मा निर्भरता को हासिल करना दाल व् बीज में आत्मनिर्भरता की प्राप्ति को सुनश्चित करने के लिए बजट में 1000 करोड़ रुपया आवंटित किया जाये , जिससे परंपरागत बीज का संरक्षण किया जा सके व् हर गाँव में बीज बैंक स्थापित किया जा सके
11) जल संग्रहण प्रबंधन
इस बजट में जल संग्रहण प्रबंधन के लिए 3000 करोड़ रूपये किया जाये। जिससे सूखे से लड़ने के प्रयास व् जलवायु परिवर्तन के सन्दर्भ में मुख्यतः वर्षा आधारित भारतीय खेती में सुधार के प्रयास के रूप में भी देखा जा सकता है।
12 ) किसान उत्पादक संघ के लिए निवेश
किसान उत्पादक सघ निवेश के लिए 2015 -16 के बजट में 800 करोड़ रुपया आवंटित किया गया जो प्रयाप्त नहीं था। हमारा प्रयास है की इस मद के लिए बजट में 2000 करोड़ रुपया आवंटित किया जाये
13 ) काश्तकार व् बटाईदार
भूमि हीन लाइसेंस शुदा काश्तकार को व्यक्तिगत व् सामूहिक दायित्व से जुड़े क़र्ज़ सुविधा को प्रोत्साहित करने के लिए एक गारंटी मद की स्थापना के लिए बजट में 1000 करोड़ रुपया आवंटित किया जाए ।
14) पशुधन क्षेत्र
कमजोर किसान को मदद करने के लिए पशुधन को आधार बनाने के लिए बजट में 5000 रुपया आवंटित किया जाए ।
