केंद सरकार ने देश के किसानों, ग्रामवासियों के लिए बजट में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की है इसे देखते हुए कहा जा सकता है कि सरकार किसान,गांव और गरीब को तवज्जो देकर भारत निर्माण की दिशा में बढ रही है।

अरूण जेटली की बजट में किसानों के लिए क्या है खास:
— किसानों के लिए 35,984 करोड़ रुपये किसानों के लिए आवंटित होगा
– 2022 तक किसानों की कमाई दोगुनी करने की कोशिश कर रहे हैं । यही हमारा टारगेट है।
– एग्रीकल्चर पर फोकस रखने की कोशिश की जाएगी।
— हम अपने किसानों के प्रति आभारी हैं। वे खाद्य सुरक्षा की रीढ़ हैं। हमें उन्हें आय सुरक्षा देनी होगी
– प्रधानमंत्री किसान बीमा योजना से किसानों को फायदा हुआ है। पिछले तीन सालों में इसका असर भी नजर आया है।
— गरीबो और किसानों के लिए स्वास्थय बीमा योजना लाएंगे।
– मंडी कानून में बदलाव करना चाहते हैं। ताकि किसानों को पूरा फायदा मिल सके।
तीन साल में पांच लाख एकड़ में जैविक खेती करने का लक्ष्य है।
– कचरे से खाद बनाने की देश व्यापी स्कीम लाने की योजना है।
– दालों की कीमतें काबू रखने और उत्पादन बढ़ाने के लिए 500 करोड़ रुपए का बजट अलग से रखा जाएगा।
– सिंचाई के लिए 20 हजार करोड़ रुपए अलग से रखे गए हैं। 15 हजार करोड़ किसानों को लोन में सहायता के लिए रखे गए हैं।
-80.6 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की व्यवस्था होगी
– खेती के लिए कुल कर्ज 9 लाख करोड़ रुपए होगा।
-पीएम फसल बीमा योजना के लिए 5 हजार 500 करोड़ रुपये
-किसानों के लिए डेयरी उद्योग ज्यादा लाभप्रद हो इसके लिए चार नई योजनाएं बनाई गई हैं
— स्वच्छ भारत के लिए 9 हजार करोड़
-स्वच्छ भारत अभियान के तहत शहरी कचरे से खाद बनाने की नीति मंजूर
— मनरेगा के लिए 38,500 रुपये की राशि आवंटित की जा रही है जो अब तक की मनरेगा के लिए सबसे बड़ी राशि है.
— मनरेगा के तहत हम पांच लाख नए कुए बनाने जा रहे हैं। खासतौर पर सिंचाई के लिए।
