Kisan Andolan ..बदलने लगा है राकेश टिकैत का सुर,कहा… दिल्ली नहीं है दूर

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  • दिल्ली जा रहे किसानों पर अत्याचार हुआ, तो वह भी दिल्ली पहुंच जाएंगे… किसान और दिल्ली हमसे दूर नहीं है: राकेश टिकैत

Kisan Andolan विगत किसान आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाने वाले राकेश टिकैत किसान आंदोलन 2.0 से थोड़ी दूरी बनाये हुए दिखाई दे रहे हैं और न ही उनका संगठन ताजे किसान आंदोलन में भाकियू (टिकैत) या किसी अन्य किसान संगठन कार्यकर्ता घर से नहीं निकले और न ही दिल्ली की ओर कूच किये।
लेकिन भाकियू के अध्यक्ष नरेश टिकैत और राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने यह भी कहा है कि अभी भले ही वह इस आंदोलन में शामिल नहीं हैं लेकिन सभी किसान हैं और सबकी अपनी समस्याएं हैं। यदि दिल्ली जा रहे किसानों पर अत्याचार हुआ, तो वह भी दिल्ली पहुंच जाएंगे। किसान और दिल्ली हमसे दूर नहीं है।

 

 

 

अलग-अलग राज्य की अलग-अलग समस्यायें
राकेश टिकैत का कहना है कि अलग-अलग राज्य में किसानों की अपनी समस्याएं हैं। देश में बहुत संगठन हैं, सब अपने तरीके से कार्य कर रहे हैं। सरकार गलत कर रही है, दीवार बना रही है, सड़कों पर कील ठोक रही है। पाकिस्तान बार्डर पर भी तार और कील ठुकी है क्या? सरकार गलत तरीके से किसानों को रोकने का प्रयास कर रही है, किसानों से बातचीत होनी चाहिए। वैसे संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से 16 फरवरी को ग्रामीण भारत बंद का आह्वान किया गया है।

 

 

 

 

 

किसानों की मांग से सहमत
दिल्ली बॉर्डर किसानों को रोके जाने को लेकर उन्होंने कहा है कि उन्हें दिल्ली आने दें। दिल्ली आने का अधिकार हर किसी को है। उन्हें क्यों रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार गलत तरीके से किसानों को रोकने का प्रयास कर रही है। कील ठोंककर और दीवार खींचकर किसानों को रोके जाने का प्रयास किया जाएगा? इस प्रकार की स्थिति नहीं होनी चाहिए। सरकार को वार्ता करके मुद्दे का हल निकालना चाहिए।

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सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
इस बीच दिल्ली और हरियाणा पुलिस ने किसान आंदोलन के मद्देनजर भारी तैयारी की है। दिल्ली-हरियाणा की सीमा पर आठ लेयर की दीवारें खड़ी की गई हैं। कुछ सड़कों पर पत्थर के बड़े-बड़े बेरिकेड और लोहे के कंटेनर लगा दिए हैं किसानों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पानी की बौछार करने के भी इंतजाम है और उनकी ह​रेक गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। वहीं दूसरी तरफ किसान संगठनों से बातचीत कर सरकार रास्ता निकालने की कवायद कर रही है।

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