
चंडीगढ़: रक्त दान महाकल्याण। हम सब जानते हैं खून की कमी की वजह से देश में हरेक साल हजारों लोगों की जान चली जाती है। बावजूद इसके ब्लड डोनेशन के प्रति समाज में तमाम तरह की भ्रांतियां है। लेकिन इन भ्रांतियों के बीच कुछ शख्स ऐसे हैं जो पूरे जोशोखरोश के साथ समाज को रक्त दान के प्रति जागरूक कर रहे हैं। ऐसे ही जुनूनी शख्स हैं किरण वर्मा जिन्होंने संसाधनों की कमी के बावजूद 21 हजार किलोमीटर से अधिक की पैदल यात्रा की है और लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक किया है।
किरण वर्मा का जुनूनी सफर
हर कहानी के किरदार की जिंदगी में एक ऐसा लम्हा जरूर होता है जो उसे सोचने पर मजबूर कर देता है और फिर वो इंसान एक बड़ा बदलाव लाने की राह पर निकलता है। किरण वर्मा के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ।
इस बाबत किरण बताते हैं कि ऐसी दो घटनाएं थीं जिसने उन्हें ऐसा करने के लिए प्रेरित किया। पहली घटना है वर्ष 2016 की। वह एक बार रायपुर में थे। वहां एक महिला को अपने पति के लिए रक्त दान की जरूरत थी और उन्होंने ब्लड डोनेट किया। इसी क्रम में जब उनकी बातचीत महिला से हुई तो उने पता चला कि उस महिला को अपने पति के इलाज और ब्लड को अरेंज करने के लिए उसे शरीर तक बेचना पड़ा है।
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जबकी दूसरी घटना वर्ष 2017 की है। जब दिल्ली के ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट में 14 साल का एक बच्चा भर्ती था और उसे मौके पर प्लेटलेट्स नहीं मिल पाने की वजह से उसने अपने पिता के सामने ही तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया। इसी दौरान किरण वर्मा के घर भी पहला बच्चा आने वाला था। तब उने लगा कि रक्त दान कि समस्या किसी के साथ भी हो सकता है और फिर उन्होंने एक बड़ा फैसला लिया। जिसमें उनके परिवार ने उनका सपोर्ट किया।
किरण वर्मा के जुनून की सराहना कपिल सहित कई सितारों ने भी की है। दिल्ली के रहने वाले किरण वर्मा ने 28 दिसंबर 2021 को केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम से अपनी यात्रा शुरू की थी। और 21,250 किमी से अधिक दूरी तय कर 24 राज्यों/ केंद्रशासित प्रदेश के 270 जिलों से होते हुए किरण चंडीगढ़ पहुंचे हैं व चाहते हैं कि दिसंबर 2025 तक वो 5 मिलियन ब्लड डोनर्स तैयार हो जाएं।
सारी दुनिया को मिलेगा फायदा
फिर किरण वर्मा ने अपनी नौकरी छोड़कर और उन्होंने र्सिंपली ब्लड नाम से NGO की शुरुआत की जहां 2 लाख से ज्यादा ब्लड डोनर रजिस्टर्ड हैं। इसक बाद उन्होंने अब पूरे देश में ब्लड डोनेट करने की मुहिम को लेकर 21,000 किलोमीटर की पैदल यात्रा निकाली है। किरण चाहते हैं कि लोग रक्त दान को लेकर इतने जागरूक हों कि 2025 तक समय पर ब्लड नहीं मिलने की वजह से किसी एक भी व्यक्ति की मौत ना हो। उनका मानना है,”सरकार हॉस्पिटल बना सकती है। ब्लड बैंक बना सकती है। लेकिन ब्लड नहीं बना सकती इसके लिए हमें ही आगे आना पड़ेगा।” जाहिर है कि किरण वर्मा कि इस पहल से दुनियाभर के लाखों लोगों कि जान बचाई जा सकती है और वैसे लोग जिन्हें खून की जरूरत है उन्हें उसका लाभ मिलेगा।


