गेहूं स्टोर करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान, वरना हो सकता है बड़ा नुकसान, पूसा की चेतावनी

0
253
वर्षा वर्मा

 

 

नई दिल्ली:  देश के अधिकतर राज्यों में गेहूं की कटाई अब पूरी हो चुकी है। जबकि कुछ हिस्सों में यह प्रक्रिया अभी भी जारी है। कटाई के बाद अब किसान अपनी फसल को बेचने से पहले स्टोर करने की तैयारी में लग गए हैं। लेकिन हर साल देखने में आता है कि स्टोरेज के दौरान किसानों की कुछ छोटी-छोटी गलतियां फसल को नुकसान पहुंचा देती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI), पूसा ने किसानों के लिए एक अहम एडवाइजरी जारी की है। इस एडवाइजरी में इस बात पर जोर दिया गया है कि मौजूदा मौसम को देखते हुए गेहूं को कैसे और किन सावधानियों के साथ स्टोर किया जाए ताकि फसल खराब न हो।

 

 

 

किसान गेहूं को ऐसे करें स्टोर
कृषि परामर्श सेवाओं, कृषि भौतिकी संभाग के कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार किसानों को कई सलाह दी गई है। जैसे, अनाज को भंडारण में रखने से पहले भंडार घर की सफाई करें और अनाज को सुखा लें। दानों में नमी 12 प्रतिशत से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। भंडार घर को अच्छे से साफ कर लें। छत या दीवारों पर यदि दरारें है तो इन्हे भरकर ठीक कर लें। बोरियों को 5 प्रतिशत नीम तेल के घोल से उपचारित करें। बोरियों को धूप में सुखाकर रखें, जिससे कीटों के अंडे, लार्वा और अन्य बीमारियां आदि नष्ट हो जाएं। किसानों को सलाह है की कटी हुई फसलों और अनाजों को सुरक्षित स्थान पर रखें।

 

 

 

कटी गेहूं का ऐसे रखें ध्यान
इस मौसम में तैयार गेहूं की फसल की कटाई की सलाह है। किसान कटी हुई फसलों को बांधकर और ढककर रखें। अन्यथा तेज हवा या आंधी से फसल एक खेत से दूसरे खेत में जा सकती है। गहाई के उपरांत भंडारण से पूर्व दानों को अच्छी तरह से सुखा दें।

 

 

ये भी पढ़े…

 

बिहार को बड़ी सौगात: 14 लाख मकानों की घोषणा, शिवराज सिंह ने की योजनाओं की समीक्षा

 

 

 

इस सप्ताह खेतों में करें ये काम
रबी फसल यदि कट चुकी है तो उसमें हरी खाद के लिए खेत में पलेवा करें। हरी खाद के लिए ढ़ेचा, सनई और लोबिया की बुवाई की जा सकती है। बुवाई के समय खेत में पर्याप्त नमी का होना आवश्यक है। इस सप्ताह तापमान बढ़ने की संभावना को देखते हुए किसानों को सलाह है कि खडी फसलों और सब्जियों में आवश्यकतानुसार हल्की सिंचाई करें। सिंचाई सुबह या शाम के समय करें जब हवा की गति कम हो। अधिक तापमान से टमाटर, मिर्च और बैंगन की फसलों को बचाने के लिए किसानों को सलाह दी जाती है कि 2 फीसदी (NAA) का घोल खड़ी फसलों फर छिडकाव करें। ताकि फलों का विकास अच्छे से हो।

 

 

मूंग की उन्नत बीजों की करें बुवाई
मूंग की फसल की बुवाई के लिए किसान उन्नत बीजों की बुवाई करें। मूंग कि पूसा विशाल, पूसा रत्ना, पूसा- 5931, पूसा बैसाखी, पी.डी एम-11, एस एम एल- 32, एस एम एल- 668, सम्राट किस्म को बुवाई से पहले बीजों को फसल विशेष राइजोबियम और फास्फोरस सोल्यूबिलाइजिंग बैक्टीरिया से अवश्य उपचार करें। बुवाई के समय खेत में पर्याप्त नमी का होना आवश्यक है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here