” यूनिसेफ , पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के मदद से खुले में शौच से मुक्त हुआ टुंडुल ग्राम पंचायत
एक तरफ दिल्ली में अपने प्रधान मंत्री स्वच्छता अभियान की समीक्षा कर रहे हैं वही दूसरी तरफ खुले में शौच से मुक्त हुआ दक्षिणी टुंडुल ग्राम पंचायत। माने झारखंड का नगड़ी प्रखंड के दक्षिणी टुंडुल ग्राम पंचायत के खुले में शौच से मुक्त हो गया है। यह काम यूनिसेफ एवं सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के मदद से संभव हुआ। दक्षिणी टुंडुल ग्राम पंचायत के खुले में शौच से मुक्त होने के अवसर पर आज ग्राम पंचायत में स्वच्छता उत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया ।
कार्यक्रम में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की ब्रांड एंबेसेडर और यूनिसेफ की सेलेब्रिटी सपोर्टर, दीपिका कुमारी मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित थीं। उन्होंने कहा कि, ‘‘ मुझे यह देखकर काफी खुशी हो रही है कि पंचायत को खुले में शौच से मुक्त बनाने के लिए पंचायत की महिलाओं ने अग्रणी भूमिका निभाई है। इस पंचायत के सभी घरों में अब बढ़िया शौचालय है। मैं सभी से, खासकर युवाओं से अपील करना चाहती हूं कि वे पूरे झारखंड को खुले में शौच से मुक्त बनाने के लिए इस मिशन के साथ जुडकर अपनी भूमिका निभाएं।’’
यूनिसेफ ने इस पंचायत को खुले में शौच से मुक्त बनाने के लिए एनजीओ सहयोगी एसीई के साथ मिलकर समुदाय के सभी लोगों को एकजुट किया और सभी हितधारकों को एक मंच पर लाया। यूनिसेफ के पेयजल एवं स्वच्छता विशेषज्ञ, कुमार प्रेमचंद ने कहा कि, ‘‘ पिछले 8 महीने में इस पंचायत में 1,000 से अधिक शौचालयों का निर्माण कराया गया। यूनिसेफ ने इस मिशन की सफलता में अहम भूमिका निभाने वाले पंचायत सदस्यों, ग्राम पेयजल स्वच्छता समिति एवं सहियाओं को ट्रेनिंग देकर उनकी क्षमता का निर्माण किया।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत पंचायत के सभी घरों में शौचालय बनाने के लिए ग्राम पेयजल स्वच्छता समिति को प्रति घर 12,000 हजार रूपए की राशि प्रदान की गई। अब दक्षिणी टुंडुल पंचायत के लावेद और टुंडुल ग्राम के सभी 1,010 घरों में शौचालय की सुविधा है।
मुख्य अभियंता, पीएमयू, श्री रमेश कुमार ने इस अवसर पर कहा कि, ‘‘झारखंड सरकार ने पहले ही यह घोषित किया है कि जो गांव खुले में शौच से मुक्त होगा, उन गांवों को प्राथमिकता के आधार में नल से पानी की सुविधा दी जाएगी। दक्षिणी टुंडुल पंचायत इस मानक पर अब खरा उतरता है अतः जल्द ही इस योजना का लाभ इस पंचायत को मिलेगा।’’
कार्यक्रम के दौरान जिला परिषद अध्यक्ष, सुंदरी तिर्की, पीएमयू के डायरेक्टर, श्वेताभ कुमार, पीएमयू के कार्यपालक अभियंता, शिशिर सोरेन, पंचायत सदस्य और ग्रामवासी उपस्थित थे ।”

