तमाशबीन जनता, सोये रहनुमा..मुख्यमंत्री जी… बाकी सब ठीक-ठाक है

0
526

logo_n

पंचायत खबर डेस्क

झारखंड के मुख्यमंत्री दावा कर रहे हैं वे जमीनी बदलाव लायेंगे। पंचायतों को उनका पूरा अधिकार मिलेगा। गांव—गांव विकास की बयार बहेगी। भ्रष्टाचार पर नकेल कसा जाएगा। वे झारखंड के मुख्यमंत्री के रूप में प्रदेश के ट्रस्टी के बतौर काम करेंगे। लेकिन ये दो तस्वीरें हैं जो प्रदेश के विकास की नहीं बल्कि प्रदेश के दुरावस्था की कहानी कह रही है।

क्या कहती है पहली तस्वीर

jhaaaaa15

रात भर खाट पर गोबर में लिपटा रहा यह युवक

एक तस्वीर सामने आई जिसमें झारखंड के बोकारो शहर से सटे सेक्टर 12 थाना क्षेत्र के उकरीद पंचायत का अमूल्य कुमार मराण्डी ठनका गिरने से बुरी तरह झुलस गया। परिजनों व गांव वालों ने घायल को अस्पताल ले जाने के बजाए उसे एक खटिया में गोबर में लेपकर रात भर घर के बाहर रखा.ये उदाहरण है कि ग्रामीण इलाकों में अब भी अंधविश्वास और अज्ञानता कितनी हावी है। इस कारण हर साल कई की जान तक आफत में पर जाती मुखिया फारुख अंसारी ने बताया कि सुबह दस बजे के आसपास मामले की जानकारी स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों को लगी और फिर उसे सदर अस्पताल लाया गया जहां घायल का इलाज किया जा रहा है। कल देर रात वह घर से कुछ दूरी पर शौच के लिए गया, जहां व शौच कर रहा था उसके बगल से बिजली का तार गया हुआ था और अचानक बिजली कड़कने से हुए वज्रपात से अमूल्य को झटका लगा और वह दूर फेका गया।

सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ जंयत कुमार ने बताया कि घायल के शरीर का दायां भाग शून्य हो गया है। ऐसा भी नहीं है कि यह पंचायत शहर से दूर है। शहर के बिल्कुल पास बसे इस पंचायत में विकास अभी भी नगण्य है। शिक्षा कोसो दूर है तो कैसे समझा जाए कि सरकार की कल्याणकारी योजनाएं धरातल पर उतर रही हैं।

क्या कहती है दूसरी तस्वीर

jharkhand-utkarshhhhhhhhhh18 किमी पैदल चली, सड़क पर जना बच्चा

लातेहार जिले के हेसला गांव निवासी नंदकिशोर अगेरिया की पत्नी सोनामनी देवी अपने घर हेसला गांव से गुरुवार दोपहर दो बजे अपने एक बच्चे को पीठ में बांधकर व दो बच्चों का हाथ पकड़कर पैदल लातेहार में आधार कार्ड बनवाने के लिए निकली।वह गर्भवती होने के बावजूद गांव से पैदल 18 किलोमीटर चलकर लातेहार पहुंची। लातेहार पहुंचते ही शाम ढल गई तो उसने सोचा कि लातेहार प्रखंड कार्यालय के समीप रैन बसेरा में रुक जाए। सुबह होते ही बच्चों का आधार कार्ड बनवा लेगी। शाम ढलने के बाद बच्चे भूख से रोने लगे, लेकिन उसके पास पैसे नहीं थे। बच्चों की भूख का हवाला देकर उसने पास के एक होटल से खाना मांगा और बच्चों को खिलाकर उन्हें सुला दिया।खुद पानी पीकर भूखी ही सो गई। रैन बसेरा में महिला को रात 12 बजे प्रसव पीड़ा शुरू हुई। प्रसव पीड़ा से कराहते हुए वह तड़पने लगी। मां को तड़पता देख पास में सोए बच्चे जाग गए। अंततः महिला ने रात दो बजे के करीब एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया।

तमाशबीन जनता, सोये रहनुमा

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लातेहार (झारखंड) के समीप बने रैन बसेरा के बाहर एनएच-75 के किनारे एक महिला ने बच्चे को गुरुवार की रात जन्म दिया। महिला को न तो सरकारी मदद मिली न ही कोई अस्पताल तक पहुंचाने वाला।बिना किसी मदद के सुरक्षित प्रसव हुआ। सुबह एनएच- 75 के किनारे बेसुध अवस्था में महिला और उसके नवजात को देखने के बावजूद लोग तमाशबीन बने रहे। हैरत की बात तो यह है कि रैन बसेरा से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) की दूरी महज चंद कदमों की है।बेहतर स्वास्थ्य सेवा का दंभ भरने वाली व्यवस्था ने महिला की सुध तक नहीं ली। प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर के समीप बने रैन बसेरा के समीप सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है। पास में ही कई सरकारी पदाधिकारी और कर्मचारियों का आवास है। सुबह सभी मार्निंग वॉक पर निकलते हैं, शुक्रवार को भी निकले थे। मामले की जानकारी मिली तो कुछ मौके पर पहुंचे और हालात को देखने के बावजूद बिना अपना फर्ज निभाए मुंह मोड़कर चलते बने।लातेहार के कुछ लोगों ने मामले की सूचना सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. सुरेंद्र प्रसाद सिह को भी दी, लेकिन उनकी ओर से कोई पहल नहीं हुई। इसी बीच कुछ लोगों ने मामले की जानकारी एसपी अनूप बिरथरे को दी। इसके बाद एसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए लातेहार थाना प्रभारी को तत्काल एंबुलेंस ले जाकर महिला को सदर अस्पताल पहुंचाने का निर्देश दिया। सदर अस्पताल में जच्चा और बच्चा की स्थिति सामान्य बताई गई।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here