
नई दिल्ली: देश भर में श्रद्धालु जन्माष्टमी का त्योहार धूमधाम से मना रहे हैं। मंदिरों में सुबह से तैयारियां चल रही है। राधा कृष्ण की मूर्तियां सजाई गई हैं और शाम से ही रंगारंग कार्यक्रम का आयोजन की तैयारी चल रही है। मथुरा वृंदावन हो या दिल्ली,पटना,चंडीगढ़ सभी शहरों में कृष्ण भक्त जन्माष्टमी की तैयारी में लगे हुए हैं। कृष्ण जन्माष्टमी को बड़े ही हर्षोल्लास से मनाने की तैयारी है।
बिरला मंदिर सहित अन्य मंदिरों में है व्यापक तैयारी
राजधानी दिल्ली में भी कान्हा के जन्मोत्सव के लिए प्रसिद्ध बिरला मंदिर में खास तैयारी की गई है। फूल-माला और मोर पंखों से खास सजावट की गई है। अनेक प्रकार के बिजली के बल्ब और आकर्षक रंग-बिरंगी लाइट भी मंदिर की शोभा बढ़ाने के लिए लगाए गए हैं।
हिमाचल के पालमपुर में मनाई जाती है कृष्ण जन्माष्टमी

हिमाचल के नूरपुर से लेकर ऐतिहासिक शहर पालमपुर तक कृष्ण जन्माष्टमी की धूम देखने को मिल रही है। यह विश्व का एकमात्र ऐसा मंदिर है यहां भगवान श्री कृष्ण के साथ राधा नहीं, अपितु मीरा बाई की मूर्ति स्थापित है। राज्यस्तरीय श्री कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर इस ऐतिहासिक मंदिर में रौनक देखते ही बनती है। पर्व को लेकर मंदिर प्रबंधन और प्रशासन ने पूरी तैयारियां कर ली हैं।
26 अगस्त को पहली सांस्कृतिक संध्या में हिमाचल प्रदेश पुलिस के बैंड हॉरमनी ऑफ द पाइंस के कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे। 27 अगस्त को दूसरी सांस्कृतिक संध्या में हिमाचली लोग गायक ईशांत भारद्वाज और बॉलीवुड गायक डॉ. गगन सिंह अपनी प्रस्तुति देंगे।
खास भंडारे का आयोजन
बिरला मंदिर में भक्तों के लिए भी खास भंडारे का आयोजन की तैयारी है साथ ही उनके बैठने के लिए एक मैदान तैयार किया गया है। क्योंकि हर बार की तरह इस बार भी बिरला मंदिर में बड़ी संख्या में भक्तों के आने की उम्मीद है। यही कारण है कि अलग-अलग तरह के चार पंडाल बनाए गए हैं। भजन कीर्तन और श्री कृष्ण लीला देखने के लिए यहां पर विशेष इंतजाम किए गए हैं, जहां कृष्ण भक्त जन्माष्टमी का आनंद लेंगे।
मथुरा वृंदावन में है खास तैयारी
भगवान कृष्ण की जन्मस्थली मथुरा और वृंदावन में जन्माष्टमी के भव्य समारोह की तैयारियां की गई है। मंदिरों को सजाया गया है और भक्तों के लिए व्यवस्था की गई है।
क्या कहते हैं व्यवस्थापक
कृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान द्वारा कहा गया है कि कृष्ण जन्मस्थान मंदिर 26 अगस्त को 20 घंटे के लिए खुले रहेगी जिससे भक्त निर्बाध दर्शन कर सकेंगे। मंदिर में उत्सव सुबह 5.30 बजे मंगला आरती और पंचामृत अभिषेक तथा देवता की पुष्पांजलि के साथ शुरू होगा। संत नृत्य गोपाल दास की अगुवाई में मध्य रात्रि का महा अभिषेक समारोह रात 11 बजे शुरू होगा और रात 12.40 बजे तक चलेगा। जिसका समापन भोर दो बजे शयन आरती के साथ होगा। कृष्ण जन्मस्थली वृंदावन में तो धूमधाम से मनाया जा रहा है।
चंडीगढ़ जन्माष्टमी महोत्सव
अन्य जगहों की तरह ही चंडीगढ़ में स्थित श्री चैतन्य मठ मंदिर की ओर से भी काफी तैयारियां की गई हैं। मठ मंदिर विशेष तौर पर झांकियां बनाई गई हैं। जिसमें गज ग्राह युद्ध देखने को हजारों श्रद्धालु पहुंचे। मठ मंदिर जन्माष्टमी की झांकियों का शुभारंभ रविवार को हुआ जो कि 27 अगस्त तक चलेगा। मठ मंदिर के प्रवक्ता जयप्रकाश गुप्ता ने तैयारियों की बाबत बताया कि इस बार लगभग 8 मुख्य झांकियां जन्माष्टमी के अवसर पर बनाई गई है। लेकिन मुख्य आकर्षण का केंद्र बनी हुई है ब्लैक डार्क रूम में प्रदर्शित किया जा रहा लाइट एंड साउंड शो है।
गज ग्राह से लेकर भगवान के अन्य रूपों का होगा दर्शन
झांकियों के जरिए मनमोहक एवं आकर्षक शो में गज और ग्राह का युद्ध दिखाया गया है। इसमें एक पहाड़ी झरने में हाथी मगरमच्छ के चंगुल में फंस जाता है। वह अपनी तरफ से ताकत लगाकर बचने का पूरी कोशिश करता है लेकिन जब नहीं बच पाता तो वह अपने पूर्व संचित संस्कार के कारण भगवान को अपनी रक्षा के लिए पुकारता है। और भगवान उसकी रक्षा के लिए तुरंत गरुड़ पर सवार होकर आते हैं तथा अपने भक्त की रक्षा करते हैं। इसके अतिरिक्त अन्य झांकियां भी हैं जिनमें भगवान कृष्ण जी द्वारा गोवर्धन पर्वत को अपने बृजवासी भक्तों की रक्षा के लिए छोटी उंगली पर उठाना। भगवान कृष्ण जी का मथुरा की कारागार में अवतार लेना।
वासुदेव जी द्वारा भगवान को यमुना पार कर गोकुल लेकर जाना। भगवान कृष्ण जी की माखन चोर लीला। भगवान कृष्ण जी द्वारा अपने पिता नंद बाबा की पादुकाएं अपने सिर पर लेकर आना। भगवान श्री चैतन्य महाप्रभु जी द्वारा दुष्ट जागाई और मधाई का प्रेम पूर्वक हरि नाम देकर कल्याण करना और दुष्ट प्रवृत्ति से हटकर एक अच्छा कृष्ण भक्त बना देना है। श्री चैतन्य गौड़िया मठ को पूरी तरह से जगमग कर दुल्हन की तरह सजाया गया हुआ है। थाईलैंड से मंगवाए गए फूलों का बहुत ही मनमोहक आकर्षक दिल को छूने वाली सजावट की गई है। मठ मंदिर के स्वामी श्री वामन जी महाराज जी ने अपने वक्तव्य में कहा कि मठ मंदिर की जन्माष्टमी 27 अगस्त को रात्रि ठीक 12:00 बजे मनाई जाएगी। भगवान का पंचामृत से अभिषेक किया जाएगा। उनको 56 तरहके व्यंजनों का भोग लगाया जाएगा। तत्पश्चात उनको बहुत ही आकर्षित पोशाक भेंट की जाएगी।
पटना जन्माष्टमी महोत्सव
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर पटना इस्कॉन मंदिर में भी व्यापक तैयारियां की गई हैं। व्यवस्थापकों का कहना है कि शाम 7:15 बजे से महामहोत्सव की शुरुआत होगी। 2:00 बजे रात तक भक्त मंदिर में आकर पूजा-अर्चना कर सकते हैं। इस बार मंदिर को सजाने के लिए विदेशों से फूल मंगाया गया है। पहले 251 चांदी के कलश और दक्षिणायन संख से भगवान का अभिषेक किया जाएगा।। इस बार जन्माष्टमी के मौके पर इस्कॉन मंदिर परिसर को वृंदावन के थीम पर सजाया गया है।
मंदिर परिसर में प्रवेश के लिए पुरुषों और महिलाओं का अलग-अलग गेट तैयार किया गया है। इस दौरान प्रदेश के कई गणमान्य मंत्री तो उपस्थित रहेंगी ही साथ ही प्रसिद्ध उद्योगपति एलएन पोद्दार मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद रहेंगे। व्यस्थापकों का कहना है कि मंदिर में एक विशेष पूजा-अर्चना दुनिया भर में शांति के लिए भी की जाएगी।
इसी तरह देश के अलग—अलग राज्यों में भी कृष्णोत्सव को लेकर व्यापक इंतजाम किये गये हैं और भक्त गण अपने आराध्य कृष्ण के जन्मोत्सव में भाग लेने के लिए इन पूजा पंडालों में जाने को तैयार बैठे हैं।



