Health Calculated Diet: सर्द मौसम ने दस्तक दे दी है इस मौसम मे गुलाबी ठंड और सर्द हवाओं का एहसास दिल तक उतरता है। लेकिन ये एहसास आपने साथ कई समस्याओं और बीमारियों को भी लेकर आता है। सर्दियों के मौसम में ज्यादा धूप न मिलने से विटामिन डी की कमी हो जाती है और ठंड के मौसम में लोगों की डाइट भी बढ़ जाती है। लोग ज्यादा तला भुना खाना पसंद करते है जिसके कारण वे मोटापे का शिकार हाने लगते हैं। मोटापे का सीधा असर उनके दिल और लिवर पर होता है। ऐसे में हमारा इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है। जिससे हम कई प्रकार की बीमारियों का सामना करने लगते है।

सर्दियों के मौसम में हमारे सामने खुद को फिट और स्वस्थ रखने की चुनौती होती है। पानी कम पीने से डीहाइड्रेशन होने लगता है। कमजोर इम्यून की वजह से हम फ्लू संक्रमण और श्वसन संबंधी समस्याओं का शिकार हो जाते है। ऐसे में प्रकृति का सबसे खूबसूरत पहलू ये है कि प्रकृति सबकुछ बैलेंस करके चलती है। अगर उसके कारण कोई समस्या जन्म ले रही है तो वो उसका उपाय भी देती है। सर्दियों में सेहत से जुड़ी सभी समस्याओं का हल इस मौसम में उगने वाले फल और सब्जियां ही हैं। जिसके सेवन से हम शरीर में होने वाली पोषक तत्वों की कमी को पूरा करते हैं।
दरअसल गार्मियों के मौसम में हम पानी की पूर्ति खरबूजा,तरबूज, ककड़ी,खीरा और अन्य फल या सब्जियों की मदद से पूरा कर लेते हैं। क्योंकि इस मौसम में ज्यादा पसीना आता है और साथ ही शरीर से काम करवाने के लिए पानी की आवश्यकता होती है। ठीक ऐसे ही इस मौसम में उगने वाले फल और सब्जियों की मदद से हम शारिरीक पोषण की आपूर्ति करते हैं। इसलिए आइए जानते हैं कि सर्दियों के मौसम में अपनी डाइट में किन फल और सब्जियों का शामिल करना चाहिए।
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खट्टे फल संतरा और अनार
सर्दी के मौसम में धूप कम निकलती है प्रदूषण ज्यादा होता है। हमारी शारिरीक एक्टिविटी कम हो जाती है। इसके चलते इम्यून सिस्टम कमजोर पड़ जाता है और विटामिन डी की कमी हो जाती है। इसलिए सर्दियों के ज्यादातर फल खट्टे होते हैं। ये हमारे इम्यून सिस्टम को मजबूत करते हैं। इनमें विटामिन डी भी पर्याप्त मात्रा में मौजूद होता है। अगर इस मौसम के फल और सब्जियों का सेवन किया जाए तो शरीर में पोषक तत्वों की कमी नहीं होगी और ये सर्दियों में होने वाली बीमारियों से भी बचा लेंगे। इसमें अगर सबसे पहले बात करें संतरा की तो संतरा विटामिन सी, फोलेट, कैल्शियम और मैग्नीशियम से भरपूर होता है। इसमें एक खास पोषक तत्व कोलीन मौजूद होता है। कोलीन मसल्स के मूवमेंट और अच्छी नींद के लिए बेहद जरूरी होता है। इससे ब्रेन फंक्शनिंग बेहतर होती है। और अनार विटामिन सी, के, बी और फाइबर से भरपूर होता है। इसमें आयरन, पोटेशियम और जिंक जैसे महत्वपूर्ण मिनरल्स भी होते हैं। इसमें ओमेगा-6 फैटी एसिड होते हैं और फ्लेवनॉन, फेनॉलिक्स पाया जाता है। जो इंफ्लेमेशन को दूर करता है इसमें कैंसररोधी गुण भी होते हैं।
गाजर,अदरक, शकरकंद, बादाम भी है महत्वपूर्ण
गाजर विटामिन ए, के और B6 का बहुत अच्छा स्रोत होता है। इसमें बायोटिन, पोटेशियम और कैल्शियम भी भरपूर मात्रा में होता है। गाजर हमारी आंखों के लिए बेहद फायदेमंद है। इसमें मौजूद फाइबर पेट और आंत की समस्याओं को दूर करता है। गाजर में पाया जाने वाला कैल्शियम और विटामिन के हड्डियों के लिए फायदेमंद होता है। और अदरक सर्दियों में हमारे ब्लड सर्कुलेशन को बूस्ट करता है और शरीर को गर्म रखने में मदद करता है। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण भी होते हैं जो सर्दियों में अक्सर होने वाले कोल्ड और फ्लू जैसी बीमारियों से बचाते हैं। आप अदरक को चाय में मिलाकर, गर्म पानी में उबालकर, स्टर-फ्राई में डालकर या सूप में मिलाकर खा-पी सकते हैं।
दरअसल, आयरन, फोलेट, कॉपर, कार्बोहाइड्रेट, जिंक, मैग्नीशियम और कई तरह के विटामिन से भरपूर शकरकंद ठंड में खाने के लिए मुफीद कंद है। तासीर में गर्म शकरकंद गरमाहट से साथ बीमारियों से लड़ने की ताकत भी देता है। साथ ही इसका स्वाद भी लाजवाब होता है। बादाम कार्ब्स, प्रोटीन, फाइबर, जिंक और मैग्नीशियम से भरपूर होते हैं। हेल्दी मोनोसैचुरेटेड फैट होने के कारण यह खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करता है और अच्छे कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने में मददगार है। बादाम ब्लड शुगर स्पाइक को रोकते हैं। इसलिए डायबिटीज में बेहद फायदेमंद हैं। ये हमारे ब्रेन फंक्शन को बेहतर बनाते हैं। इससे डिसिजन मेकिंग और याददाश्त में सुधार होता है।
