
Rang Panchami 2025: रंग पंचमी का पर्व हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है। और इसे होली के पांच दिन बाद मनाया जाता है। यह त्योहार चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि को आता है। 19 मार्च को चैत्र कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि और बुधवार का दिन है। पंचमी तिथि आज रात 12 बजकर 38 मिनट तक रहेगी। आज शाम 5 बजकर 38 मिनट तक हर्षण योग रहेगा। साथ ही आज रात 8 बजकर 50 मिनट तक विशाखा नक्षत्र रहेगा। इसके अलावा आज रंग पंचमी का पर्व मनाया जायेगा। जानिए बुधवार का पंचांग, राहुकाल, शुभ मुहूर्त और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय।
रंग पंचमी शुभ मुहूर्त
हिंदू वैदिक पंचांग के अनुसार, चैत्र महीने के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि की शुरुआत आज रात 10 बजकर 9 मिनट पर हो रही है। वहीं इस पंचमी तिथि का समापन 20 मार्च को रात को 12 बजकर 36 मिनट पर होगा। हिंदू धर्म में उदया तिथि मानी जाती है। ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, रंग पचमी का त्योहार कल यानी 19 मार्च मनाया जाएगा।
चैत्र कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि 19 मार्च को रात 12 बजकर 38 मिनट तक रहेगी, उसके बाद षष्ठी तिथि लग जाएगी।
विशाखा नक्षत्र- 19 मार्च 2025 को रात 8 बजकर 50 मिनट तक
हर्षण योग- 19 मार्च 2025 को शाम 5 बजकर 38 मिनट तक
व्रत-त्योहार- आज के दिन रंग पंचमी का पावन पर्व मनाया जाएगा
राहुकाल का समय दोपहर 12:29 से दोपहर 02:00 तक रहेगा।
सूर्योदय-सूर्यास्त का समय
सूर्योदय- सुबह 6:27 am
सूर्यास्त- शाम 6:31 pm
रंग पंचमी क्यों मनाई जाती है
होलिका दहन के पांच दिन बाद रंग पंचमी का त्योहार मनाया जाता है। क्योंकि ऐसी मान्यता है कि इस दिन वायु रूप में देवी-देवता आकर भक्तों को आशीर्वाद प्रदान करते हैं। इस त्योहार को तामसिक और राजसिक गुण पर सत्वगुण की जीत का प्रतीक माना जाता है। रंग पंचमी का त्योहार मनाने से आत्मिक शुद्धि होती है। जीवन में सकारात्मकता बढ़ती है। नकारात्मक ऊर्जाओं का प्रभाव कम होता है। इस दिन देवी-देवताओं के साथ होली खेलने से सभी दुख और कष्ट दूर हो जाते हैं।
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रंग पंचमी की पूजा विधि
इस दिन नहाने के पानी में गंगा जल डालकर स्नान करना चाहिए। इसके बाद भगवान कृष्ण और राधा रानी की विधि विधान पूजा करनी चाहिए और माता लक्ष्मी को गुलाब के फूल चढ़ाने चाहिए। इसके साथ घी का दीपक जलाएं। भगवान को रंग लगाएं और आरती करें। अंत में भोग लगाकर पूजा संपन्न करें।


