
प्रयागराज: अब खेती के साथ बारी लोग भूलते जा रहे है, मगर खेती के साथ बारी मन से किया जाये तो आमदनी बढ़ जाती है। कुछ ऐसा ही उदाहरण फुलपुर ब्लाक के वीरभानपुर गांव में देखने को मिलता है। वीरभानपुर गांव के किसान सिद्धिनाथ मौर्य को कोई 7 वर्ष पूर्व अपने परिवार का खर्च चलाना बहुत भारी पर रहा था। मगर जब उन्होंने एक बीघे में अमरूद की सफल बागवानी करना शुरू किया तो उनकी आमदनी सिर्फ बागवानी से शुद्ध रूप से 1.5 लाख रुपये वार्षिक हो चुकी है।
लागत कम मुनाफा ज्यादा
किसान सिद्धिनाथ बताते है कि सात वर्ष पूर्व बागवानी विभाग के जागरूकता और सहयोग से मैने अपने 1 बीघा खेत मे लखनऊ-49 और सरदार प्रजाति के अमरूद के पौधे रोपे थे। वे बताते है कि उस वर्ष अमरूद के सभी पौधे, खाद व उर्वरक बागवानी विभाग द्वारा मुफ्त दिया गया था। वे बताते है कि 26 हजार रुपये वार्षिक लागत लगाने पर शुद्ध लाभ 1.5 लाख रूपए मिल जाती है।

अपनाई उन्नत प्रौद्योगिकी
बागवानी विभाग ने सिद्धिनाथ को एक पावर टिलर मुफ्त मुहैया कराया था,लाभ देखते हुए उन्होंने एक पावर टिलर स्वयं क्रय किया है। वे बताते है कि पावर टिलर के अनेकों फायदे है, इससे बिना फावड़ा, कुदाल लगाए बाग की निराई, गुड़ाई हो जाती है, जिससे समय, श्रम की बचत होती है। नीलगाय जैसे जंगली जानवरों से बाग को बचाने के लिए बाग के चारो तरफ करौंदे का पौधा बार के रूप में लगाया गया है, इससे बाग की सुरक्षा के साथ ही साथ करौंदा भी पर्याप्त मात्रा में मिल जाता है।
क्या बोले विशेषज्ञ
प्रभारी, कृषि रक्षा इकाई, फुलपुर मनीष अग्रहरि ने बताया कि फुलपुर ब्लाक की मिट्टी अमरूद के बागवानी के लिए बहुत मुफीद है। अमरूद की सघन बागवानी करके किसान अपनी आजीविका और भी बेहतर कर सकते है। इसके साथ अमरूद के पैदावार के बाद उसके जैम, जेली, कैंडी जैसे अन्य उत्पादों को बना कर मूल्य संवर्धन करने की जरूरत है।राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत नये बाग लगाने के लिए सरकारब द्वारा तकनीकी एवं आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिसका सभी किसानों को अपनी आमदनी दुगुनी करने में जरूर लाभ लेना चाहिए।
