बढ़ते प्रदूषण के प्रति सरकार सजग… दिल्ली, हरियाणा और बिहार समेत कई राज्यों में पटाखों पर बैन

0
97
वर्षा वर्मा

 Firecrackers banned: पांच दिवसीय प्रकाश पर्व की शुरुआत धनतेरस के साथ हो गई है। इस साल 31 अक्टूबर को देशभर में दिवाली का पावन पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। घरों की सजावट और पूजा-पाठ की तैयारियों के बीच, बच्चों में पटाखे जलाने की खुशी भी देखने को मिल रही है। हालांकि वायु गुणवत्ता की चिंताओं के मद्देनजर, विभिन्न राज्यों ने पटाखों के उपयोग को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं।

देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली ने सर्दियों में प्रदूषण की गंभीर समस्या को ध्यान में रखते हुए सभी प्रकार के पटाखों पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया है। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति ने एक जनवरी 2025 तक पटाखों के निर्माण, भंडारण, बिक्री और उपयोग पर रोक लगा दी है। हालांकि ‘ग्रीन पटाखों’ की अनुमति है। ये कम हानिकारक होते हैं और इन्हें केवल दिवाली की रात 8 बजे से 10 बजे तक जलाने की अनुमति है। अन्य त्योहारों पर भी पटाखों के इस्तेमाल पर रोक लगाई है।

ये भी पढ़े…

योगी सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को ​दिवाली पर दिया तोहफा… वेतन, पेंशन और बोनस

पटना, गया, मुजफ्फरपुर और हाजीपुर में सभी प्रकार के पटाखों पर प्रतिबंध है। साथ ही महाराष्ट्र ने भी पटाखों पर प्रतिबंध लगा दिया है। लेकिन ग्रीन पटाखों की अनुमति है। ये सामान्य पटाखों की तुलना में लगभग 30 फीसदी कम प्रदूषण पैदा करते हैं। इसके अलावा मुंबई पुलिस ने आकाश लालटेन के उपयोग और बिक्री पर भी प्रतिबंध लगाया है।

साथ ही कर्नाटक में भी केवल ग्रीन पटाखों की अनुमति है। पटाखे जलाने का समय रात 8 से 10 बजे तक है। पंजाब और हरियाणा में अधिकारियों ने सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी के निर्देशों के अनुपालन में दिवाली, गुरु पर्व, क्रिसमस और नए साल की पूर्व संध्या पर पटाखों के इस्तेमाल पर पाबंदी लगाई है। हरियाणा में विशेषकर गुरुग्राम में ग्रीन क्रैकर्स को कुछ घंटों के लिए जलाने की अनुमति दी गई है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here