
Onion Export: देश में प्याज की कीमतों में भारी तेजी को देखते हुए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्याज किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने प्याज के निर्यात पर लगने वाली एक्सपोर्ट ड्यूटी को पूरी तरह से समाप्त कर दिया है। जिससे अब किसानों को बेहतर लाभ मिलने की उम्मीद है।
अब मिलेगी प्याज की सही कीमत
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पहले प्याज पर 40% निर्यात शुल्क (एक्सपोर्ट ड्यूटी) लगती थी। लेकिन जब प्याज के दाम गिरने लगे और किसानों को कम कीमत मिलने लगी। तब सरकार ने फैसला किया कि प्याज के निर्यात शुल्क (एक्सपोर्ट ड्यूटी) 40% से घटाकर 20% कर दी जाए। आज सरकार ने यह निर्णय लिया है, कि 20% एक्सपोर्ट ड्यूटी भी पूरी तरह से हटा दी जाए। अब प्याज के निर्यात पर कोई एक्सपोर्ट ड्यूटी नहीं लगेगी। ताकि हमारे किसानों द्वारा मेहनत से उगाया गया प्याज बिना किसी शुल्क के वैश्विक बाजारों तक पहुंचे और उन्हें बेहतर कीमत और लाभकारी मूल्य मिल सके।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार का मुख्य उद्देश्य किसानों को लाभकारी मूल्य देना है। सरकार की यह प्रतिबद्धता है, कि किसानों को उनके उत्पाद का उचित और लाभकारी मूल्य मिले, ताकि वे अपने परिवारों का भरण-पोषण ठीक से कर सकें। प्याज उत्पादकों के लिए यह फैसला उनके लिए आर्थिक राहत का एक बड़ा कदम साबित होगा। केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार का ध्यान हमेशा किसानों की भलाई पर है। और उनके लिए बेहतर नीतियों का निर्माण करना सरकार की प्राथमिकता है।
किसानों का कहना है, अगर सरकार जल्द एक्सपोर्ट ड्यूटी नहीं हटाती है। तो इसके खिलाफ बड़ा आंदोलन होगा। इसके बाद सरकार ने किसानों की चिंता पर ध्यान दिया और एक्सपोर्ट ड्यूटी हटाने का फैसला किया। दरअसल, सरकार ने घरेलू मार्केट में प्याज के दाम को स्थिर और कम रखने के लिए प्याज के निर्यात पर एक्सपोर्ट ड्यूटी लगाई थी। इसके बाद घरेलू मार्केट में दाम तो गिरे, लेकिन किसानों को कोई फायदा नहीं हो रहा था। अब ड्यूटी खत्म होने के बाद किसानों में खुशी देखी जा रही है।
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निर्यात प्रतिबंध के बावजूद, वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान कुल प्याज निर्यात 17.17 लाख टन और वित्त वर्ष 2024-25 में (18 मार्च तक) 11.65 लाख टन रहा है। सरकार के मुताबिक, मासिक प्याज निर्यात मात्रा सितंबर 2024 में 72 हजार टन से बढ़कर जनवरी 2025 में 1.85 लाख टन हो गई है। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने कहा, यह निर्णय किसानों को लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने और उपभोक्ताओं के लिए प्याज की कीमत काबू में रखने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता का एक और एविडेंस है। रबी फसलों की अच्छी मात्रा में आवक की उम्मीद के बाद थोक और खुदरा कीमतों में गिरावट आई है।

