CBSE: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) भारत में सार्वजनिक और निजी स्कूलों के लिए एक राष्ट्रीय स्तर का शिक्षा बोर्ड है। जिसका नियंत्रण और प्रबंधन भारत सरकार द्वारा किया जाता है। 1929 में सरकार के एक प्रस्ताव द्वारा स्थापित बोर्ड माध्यमिक शिक्षा के क्षेत्र में अंतर-राज्य एकीकरण और सहयोग की दिशा में एक प्रयोग किया गाया था। और सीबीएसई द्वारा अपने विद्यार्थियों के लिए समय- समय पर नए परिवर्तन किए जाते हैं। ऐसा इसलिए ताकि विद्यार्थी कुछ नए क्षेत्र का अनुभव प्राप्त कर पाए और रूटीन शिक्षा से अलग कुछ सीखने का अनुभव प्राप्त कर सकें। सीबीएसई का कहना है की आधा सत्र बीत चुका है। लेकिन फिर भी बच्चों को इस सुविधा से काफी कुछ सीखने को मिलेगा।
उद्देश्य
दरअसल बोर्ड द्वारा स्कूलों में 10 दिन बैगलेस डे मनाने के निर्देश दिए गए हैं। इससे स्कूली शिक्षा के बाहर जो काम की दुनिया है। उनके बारे में भी विद्यार्थियों जानकारी प्राप्त कर पाएंगे। दैनिक जीवन से संबंधित कार्यों के बारे में भी विद्यार्थियों की समझ विकसित होगी। स्कूलों में विद्यार्थी किताबों में पढ़कर सीखते हैं। लेकिन इस व्यवस्था से विद्यार्थी देखकर सीखने की क्षमता को विकसित कर पाएंगे। इसके अलावा कोई भी समुदाय जैसे बढ़ईगिरी,बिजली का काम, बागवानी, मिट्टी के बर्तन बनाने आदि के कामों की कार्यप्रणाली के बारे में भी जानकारी ले पाएंगे।
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निगरानी में रहेंगे विद्यार्थी
यह काम विशेषज्ञों की निगरानी में किया जाएगा। इस प्रक्रिया के तहत स्थानीय उत्पादों के बारे में भी जानकारी दी जाएगी। विद्यार्थियों को एजुकेशनल टूर पर ले जाया जा सकता है। वहां उस स्थान से जुड़ी तमाम जानकारियां विद्यार्थियों को दी जाएंगी। कुछ कार्य ऐसे हैं। जिन्हें प्रैक्टिकल के माध्यम से ही बताया जा सकता है। प्रकृति के प्रति समझ विकसित करने के लिए विद्यार्थियों को ऐसे स्थान पर ले जाया जा सकता है। जहां विद्यार्थियों को अपने आस- पास के माहौल को समझने में आसानी हो।

