
शिमला: बारिश से मन का रिश्ता बहुत गहरा है। मन का मौसम बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित होता है। किसी की याद सताने लगती है तो कभी खुशनुमा सा माहौल लगता है। लेकिन जब यही बारिश अधिक मात्रा में होती है तो काफी नुकसान भी करती है। देश के पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से बाढ़ की आशंका जाहिर की गई है। स्थानीय मौसम विभाग ने 12 जिलों में से छह जिलों – किन्नौर, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बाढ़ की चेतावनी दी है। क्योंकि हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में मध्यम बारिश जारी है।
अगले 4-5 दिनों तक पूर्वी राजस्थान के कई हिस्सों में मॉनसून सक्रिय रहने की संभावना है। और भरतपुर, जयपुर, कोटा, अजमेर और उदयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की प्रबल संभावना है। जयपुर मौसम केंद्र के निदेशक ने बताया कि 11 सितंबर से पूर्वी राजस्थान में भारी बारिश की गतिविधियां बढ़ने की अधिक संभावना है। उन्होंने बताया कि बीकानेर और जोधपुर संभाग के कुछ हिस्सों में मध्यम बारिश की संभावना है और सीमावर्ती इलाकों में मौसम मुख्यतः सूखा रहेगा। उन्होंने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बना दबाव उत्तरी छत्तीसगढ़ के ऊपर पहुंच गया है और आज शाम तक इसके उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ने और कमजोर पड़ने की संभावना है।
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हिमाचल की ये सड़के रहेगी बंद
राज्य में राष्ट्रीय राजमार्ग 5 हिंदुस्तान-तिब्बत मार्ग सहित कुल 76 सड़कें आने-जाने के लिए बंद हैं। राज्य में आपातकालीन परिचालन केंद्र ने कहा कि शिमला में सबसे अधिक 34 सड़कें, मंडी में 26, कांगड़ा में 10, कुल्लू में दो और किन्नौर, ऊना, सिरमौर और लाहौल और स्पीति जिलों में एक-एक सड़क बंद है।

उत्तराखंड मे भी भारी बारिश
उत्तराखंड में भी बारिश का दौर देखा जा रहा है। यहां के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। आईएमडी देहरादून ने 11 सितंबर से 13 सितंबर तक नैनीताल, चंपावत, बागेश्वर, उधम सिंह नगर और चमोली जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसी के साथ यहां अन्य जिलों के लिए भी येलो अलर्ट जारी किया गया है। लोगों को सावधान रहने की अपील गई है। अगर बहुत जरूर हो तभी घर से निकलने की सलाह दी गई है। भारी बारिश से निचले इलाकों में पानी भर सकता है। और ट्रैफिक में भी रुकावट आ सकती है।
ओडिशा में बारिश के कारण तबाही
उधर ओडिशा में भी भारी बारिश का दौर जारी है। इसके लिए डीप डिप्रेशन को जिम्मेदार बताया जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी कि आईएमडी के अनुसार, डीप डिप्रेशन, कम दबाव वाले सिस्टम का अधिक तीव्र चरण होता है और आमतौर पर चक्रवाती तूफान के बनने से पहले होता है। आईएमडी ने कहा कि मौसम प्रणाली कमजोर होकर डिप्रेशन में बदल गई है और झारसुगुड़ा से 90 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में केंद्रित है। आईएमडी ने कहा कि सिस्टम के उत्तरी छत्तीसगढ़ से आगे बढ़ने और एक कम दबाव वाले क्षेत्र में कमजोर पड़ने की संभावना है। ओडिशा में भारी बारिश होने की संभावना है। हालांकि इसकी तेजी में पहले से कमी आई है।
छत्तीसगढ़ में बारिश
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण कई जगहों पर बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। रायपुर के प्रोफेसर कॉलोनी के लोगों के घरों में पानी घुसने लगा है। मौसम विभाग ने रायपुर में रेड अलर्ट जारी किया है। आसपास के जिलों बालोद, बलौदाबाजार, भिलाई, धमतरी, कांकेर, राजनांदगांव, सूरजपुर आदि के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।


