उतरते मानसून में मानसूनी फुहार..झमाझम बारिश ने सबको किया हैरान…

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वर्षा वर्मा

नई दिल्ली: पूरा अगस्त उमस और चिपचिपी गर्मी से परेशान दिल्ली सहित तमाम देशवासियों को आखिर कार अगस्त के आखिरी सप्ताह में राहत मिली। न सिर्फ इंसानों को बल्कि बेजुबानों को यानी खग—मृग—बृंद,पशु पक्षी सभी मौसमी फुहारों में तरबतर होते नजर आये। केवल इंसान ही नहीं बेजुबान भी मानसूनी बारिश की राह तक रहे होते हैं और बारिश की बूंदें इस ज़मीन पर गिरने लगती हैं तब सब लोग खुशी में झूमने लगते हैं चाहे प्रकृति हो या मनुष्य। मानसूनी फुहार के साथ ही मौसम में बदलाव तो आता ही है, हर जगह हरियाली भी छा जाती है। जैसा कि पहले से ही ज्ञात था और मौसम विभाग ने भी पूर्वानुमान लगाया था कि हिमाचल प्रदेश,शिमला,गुजरात,जम्मू—कश्मीर,मध्य प्रदेश और दिल्ली समेत 19 राज्यों में भारी बारिश होगी। मौसम विभाग का पूर्वानुमान बिल्कुल सही साबित हुआ है और चारों ओर बारिश हो रही है और मौसम का मिजाज बदल गया है।

 

दिल्ली एनसीआर में भारी बारिश
दिल्ली में भी बुधवार रात से भारी बारिश हो रही है। इससे दिल्ली एनसीआर और नोएडा के कई इलाकों में पानी भर गया है। सबसे बुरी हालत अंडर पास की है। पानी भरने से सड़कों पर जाम लगा है। जलभराव के कारण लोगों को आवागमन में बहुत परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। राजधानी के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं। बुधवार को द्वारका, जामनगर, राजकोट और पोरबंदर जिलों में 12 घंटे में 50 मिमी से 200 मिमी के बीच बारिश दर्ज की गई। द्वारका के भानवड में 185 मिमी बारिश हुई, यह राज्य में सबसे ज्यादा है।

 

 

गुजरात
गुजरात में बीते चार दिनों से भारी बारिश हो रही है। कई जगहों पर भूस्खलन और जलभराव के कारण 939 सड़कें बंद कर दी गई है। भारी बारिश से प्रदेश में अब 28 लोगों की मौत हो गई है। 18 हजार से ज्यादा लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है। राज्य में 7 नेशनल हाइवे, 66 स्टेट हाइवे, 92 अन्य सड़कें और 774 पंचायत सड़कें मिलाकर कुल 939 सड़कें बंद हैं। 238 तहसीलें भारी बारिश के चलते आई बाढ़ की चपेट में हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राज्य के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल से फोन कर पूरी जानकारी ली और राहत बचाव कार्य में तेजी लाने को कहा है।
मौसम विभाग ने गुरुवार को सौराष्ट्र के लिए बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। राज्य में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ के अलावा सेना की 6 टुकड़ियां राहत और बचाव में जुटी हैं। अब तक 18 हजार लोगों का रेस्क्यू किया गया है।

मध्य प्रदेश के सभी जिलों में भारी बारिश

इधर मध्य प्रदेश में तेज बारिश का दौर थम गया है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर समेत प्रदेश के ज्यादातर जिलों में बुधवार को धूप खिली रही। 30 और 31 अगस्त से एक बार फिर स्ट्रॉन्ग सिस्टम बन रहा है। जिससे जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के 28 जिलों में भारी बारिश का अनुमान है।

देवभूमि हिमाचल में भी हो रही है बारिश
हिमाचल प्रदेश के कई भागों में बारिश हुई है। यहां तक की राजधानी शिमला में भी आज सुबह से रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है। भारी बारिश के चलते एक नेशनल हाईवे सहित 135 सड़कें यातायात के लिए ठप हैं। राज्य में 132 बिजली ट्रांसफार्मर भी बाधित है जिससे कई इलाकों में विद्युत आपूर्ति ठप है। इसके अतिरिक्त 54 जल आपूर्ति स्कीमें भी ठप पड़ी हैं। सबसे ज्यादा सेवाएं, शिमला, मंडी, कुल्लू व सिरमौर जिले में प्रभावित हैं। बारिश के चलते भूस्खलन से निगुलसरी में रामपुर-किन्नौर एनएच-पांच ठप है। राजधानी शिमला में भारी बारिश से कई जगह भूस्खलन हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से आज भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। 2 सितंबर को कुछ स्थानों पर फिर भारी बारिश का येलो अलर्ट है। बुधवार रात को चौपाल में 40.4, धौलाकुआं 20.5, नाहन 19.4, पांवटा साहिब 15.4, भरवाईं 12.0, सराहन 10.0, धर्मपुर 8.6, सांगला 8.2 व कोटखाई में 7.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

जम्मू—कश्मीर के मैदानी इलाकों में बारिश,सोनमर्ग में हुई बर्फवारी
कश्मीर के मैदानी इलाकों में बारिश हुई। वहीं सोनमर्ग के ऊंचे इलाकों में मौसम की पहली बर्फबारी हुई। सोनमर्ग के प्रसिद्ध ट्रेकिंग स्पॉट विशनसर और निचनई में मौसम की पहली बर्फबारी दर्ज की गई। केंद्र शासित प्रदेश की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर सहित जम्मू और कश्मीर के अधिकांश हिस्सों में आज ताजा बारिश हुई। ताजा बारिश ने चिलचिलाती गर्मी से राहत दिलाई और आज अधिकांश स्थानों पर पारा गिर गया।
अगले 36 घंटों के दौरान कल तक कुछ अन्य ऊंचे इलाकों में ताजा बर्फबारी होने की उम्मीद है।
तो कहा जा सकता है कि देर आये दुरूस्त आये और उतरती हुए मानसून ने देशवासियों को फुहारों से सराबोर कर दिया है। वैसे भी ये पूर्वानुमान था मानसून भले ही पहले ही पूवाद्र्ध में हल्का रहा है ​लेकिन जाते जाते पर्याप्त मात्रा में बारिश होगी और किसान सहित सैलानी भी इस उतरते हुए मानसून का आनंद ले पायेंगे।

 

 

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