
Chhattisgarh: कोरबा जिले के किसान अब धान की फसल काटने के बाद अतिरिक्त मुनाफा कमाने के लिए सब्जियों के साथ-साथ मूंगफली की खेती की ओर रुख कर रहे हैं। जिले में ठंड का मौसम अब खत्म हो चुका हैं। और वसंत ऋतु का आगमन हो गया है। ऐसे में किसानों ने मूंगफली की खेती की तैयारी जोर-शोर से शुरू कर दी है। खेतों में बीजों की बुवाई लगभग हो चुकी। और किसानों को इस बार अच्छी पैदावार होने की उम्मीद है। जिससे उन्हें बेहतर मुनाफा मिल सके। मूंगफली एक महत्वपूर्ण तिलहन फसल है। जो प्रोटीन और तेल का एक समृद्ध स्रोत है। किसानों के लिए मूंगफली की खेती एक लाभदायक व्यवसाय साबित हो सकती है।
मूंगफली की करें खेती
भटगांव के एक किसान ने बताया कि वे पिछले एक साल से धान की कटाई के बाद अपने खेतों में मूंगफली की बुवाई कर रहे है। जिससे उन्हें अतिरिक्त आमदनी हो रही है। इस वर्ष भी उन्होंने लगभग डेढ़ एकड़ कृषि भूमि में मूंगफली के बीज बोए हैं। जो अब अंकुरित भी होने लगे हैं। इस वर्ष भी बेहतर मुनाफा होने की उम्मीद है। इसके अलावा अब उनके गांव के लगभग 15 किसान अब मूंगफली की खेती कर रहे हैं। यह नवाचार किसानों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आया है। धान की फसल के बाद खेत खाली रहते थे। जिससे किसानों को कोई आमदनी नहीं होती थी। लेकिन अब मूंगफली की खेती से उन्हें अतिरिक्त आय का स्रोत मिल गया है।
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मूंगफली की खेती से किसानों को अच्छा मुनाफा
मूंगफली की खेती किसानों के लिए आय का एक अच्छा स्रोत है। मूंगफली की बाजार में हमेशा मांग रहती है। मूंगफली की खेती कम लागत और कम समय में होने वाली फसल है। इसके अलावा मूंगफली की फसल मिट्टी की उर्वरता को भी बढ़ाती है। जिससे अगली फसल के लिए भी लाभ होता है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि कोरबा जिले में मूंगफली की खेती की अपार संभावनाएं हैं। सरकार भी किसानों को इस ओर प्रोत्साहित करने के लिए उचित प्रयास कर रहीं है। जिससे वे अपनी आय को बढ़ा सकें। कृषि विभाग द्वारा किसानों को मूंगफली की खेती के बारे में उचित प्रशिक्षण और मार्गदर्शन भी दिए जा रहे है। ताकि किसान बेहतर तरीके से खेती कर सकें और अधिक मुनाफा कमा सकें।

