हक मांगते किसानों पर गोली बरसाती सियासत

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पंचायत खबर टोली
मंदसौर: शिवराज के राज में किसानों ने खूब प्रगती ​की है। किसान खुशहाल हैं। ये दावा गाहे—बगाहे सुनने को मिल जाता है। यहां तक की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित भाजपा का शीर्ष नेतृत्व शिवराज सिह के कृषि मॉडल की देश—दुनिया में सराहना करता रहा है। दावा रहा है कि इस पिछड़े राज्य को मुख्यमंत्री ने कृषि के लिहाज से अग्रणी राज्य बना दिया। प्रदेश के किसान भी कृषि विकास के मामले में लगातार राष्ट्रीय अवार्ड प्राप्त करते रहे हैं। लेकिन उसी मध्यप्रदेश से जब किसानों के आंदोलन की खबर आये,और आंदोलन रत किसान सरकारी गोली से मरने को मजबूर हों ​तो कृषि विकास और प्रदेश के मुख्यमंत्री का किसान हितैशी होने के दावे का पोल खुल जाता है।
जी हां, मध्य प्रदेश के मंदसौर  जिले में हुए पुलिस फायरिंग में 5 लोगों की जान चली गई, तो कई लोग घायल भी हो गए। प्रदेश के किसान पिछले कई दिनों से राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ की अगुवाई में आंदोलन कर रहे किसान खुशहाली के दो आयाम ‘कर्ज मुक्ति और पूरा दाम’ की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे। जगह—जगह से किसान आंदोलन के हिंसक होने की खबर आ रही है।

जान लेकर मुआवजा बांटती प्रदेश सरकार
हर बार की भांति इस बार किसानों के जान की कीमत सियासती जांच के आदेश और मुआवजे की रकम के बीच तौली जा रही है। प्रदेश सरकार ने गोली कांड के जांच का आदेश दे दिया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने फायरिंग में मारे गए किसानों के परिजनों के लिए 5-5 लाख के मुआवजे की घोषणा की, तो गंभीर रूप से घायलों को भी एक लाख की मदद का ऐलान किया। बाद में मृतकों के परिजनों के लिए सहायता राशि को बढ़ाकर 10 लाख रुपए कर दिए गए। ​ज​​बकि किसान संघर्ष समिति ने कहा कि गोली चलाने वालों पर हत्या का मुकदमा चले। साथ ही शहीद किसान के आश्रित को सरकारी नौकरी के साथ ही 25 लाख का मुआवजा भी दिया जाए।
मध्य प्रदेश में किसानों का आंदोलन बुधवार को मध्य प्रदेश में किसान राज्यव्यापी बंद का ऐलान किया है। किसान जगह जगह प्रदर्शन भी कर रहे हैं। हालांकि ये प्रदर्शन कई जगह हिंसक भी हुए, जिसमें मंदसौर जिले में हुई फायरिंग में 5 लोगों की जान चली गई, तो कई लोग घायल भी हो गए। सरकार ने किसानों की जान जाने के मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं। साथ ही मामले को संभालने को बिगड़ता देख प्रशासन ने मंदसौर में कर्फ्यू लगा दिया है।

हक मांगने पर मिलती है गोली: राहुल गांधी
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने किसानों पर गोलीबारी को लेकर सरकार पर जोरदार हमला बोला है। राहुल गांधी ने सवाल उठाते हुए कहा है कि बीजेपी का ये कैसा न्यू इंडिया है, जिसमें अपना हक मांगने पर किसानों को गोली मिलती है।  राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए ट्वीट कर लिखा कि भाजपा के न्यू इंडिया में हक मांगने पर हमारे अन्नदाताओं को गोली मिलती है? यह सरकार हमारे देश के किसानों के साथ युद्ध कर रही है।

फूट और टूट के बीच गोली कांड
प्रदेश के किसान संगठन आंदोलन पर थे। इस बीच खबर आई कि भारतीय किसान संघ और मध्य प्रदेश किसान सेना द्वारा किसान आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की गई। लेकिन इसके एक दिन बाद प्रदेश में किसानों से जुड़े विभिन्न यूनियनों में दरार पैदा हो गई। आंदोलन स्थगित करने के विरोध में ‘किसान यूनियन’ ने बीकेएस नेता शिवकांत दीक्षित का नीमच में पुतला फूंका और घोषणा की कि वे समान विचार रखने वाले संगठनों के साथ मिलकर अपना आंदोलन जारी रखेंगे।
क्या है किसानों की मांग
किसान संगठनों और आंदोलन के नेता शिव कुमार शर्मा उर्फ कक्का जी का कहना है कि लोकसभा चुनाव 2014 में भाजपा ने अपने घोषणापत्र में लिखा था कि सत्ता आने पर किसानों को फसल लागत मूल्य से 50 प्रतिशत ज्यादा दर पर उत्पाद का समर्थन मूल्य मिलेगा। मगर सत्ता आने के बाद पार्टी वायदे से मुकर गई है। स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने के मामले में भी किसानों को महज जुमला नसीब हुआ है।

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