लोकतांत्रिक आंदोलनों को दबाने के लिए डंडे की भाषा न बोले झारखंड सरकार-राजगोपाल

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पंचायत खबर टोली

बड़कागांव, हजारीबाग: अहिंसक आंदोलन कर रहे जुगरागावं के सत्याग्रहियों के त्याग को लम्बे समय तक अनदेखा करने वाली सरकार अधिक समय तक नहीं टिक पायेगी। जब गरीब लोग आंदोलन करते हैं तो पुलिस को बीच में लाने का काम सरकार को बंद करना चाहिए। उक्त बातें प्रख्यात गांधीवादी और एकता परिषद के संस्थापक डा. पी.व्ही. राजगोपाल  ने जुगरागांव में चल रहे सत्याग्रह अनशन के दौरान कही।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होनें कहा कि आंदोलन के दौरान पुलिस का कोई काम नहीं है, उनको बातचीत का प्रशिक्षण नहीं बल्कि डंडा चलाने का प्रशिक्षण दिया जाता है। इसलिए सरकार का यह मानना कि डंडा चलाने और गोली चलाने से समस्या हल हो जायेगी गलत है। आंदोलनकारियों से बातचीत से ही समस्या हल हो सकती है। आंदोलन के सामने बातचीत करने वालों को भेजना चाहिए, इसलिए सरकार को अपनी कार्यशैली बदलना होगा अन्यथा जनता सरकार को बदलेगी।

ज्ञात हो कि खेती के जमीन में अवैद्य तरीके से बनाये जा रहे सड़क के विरोध में चल रहे आंदोलन में सुकमा, नागेश्वर साह, गोविंद साह, निर्मल साह, काशी ठाकुर, रूकनी देवी, कालादेवी शामिल है। जिसमें पांच सत्याग्रहियों की हालत खराब होने के कारण ड्रिप चढ़ाया जा रहा है। हजारीबाग जिले के बड़कागांव प्रखंड के अंतर्गत नेशनल थर्मल पावर कार्पोरेशन के कार्यो के लिए उसकी सहायक कंपनियों को कोयला खनन कर रही हैं और उसके परिवहन के लिए ग्राम सभा की अनुमति के बिना जुगरागांव के किसानों की खास गैरमजरूआ भूमि को बिना नोटिस और क्षतिपूर्ति दिये सड़क बना रही है, जिससे सैकड़ो किसानों का हित प्रभावी हो रहा है। इसके विरोध में अलग-अलग ज्ञापनों और आवेदनों के माध्यम से पीड़ित किसानों के द्वारा कार्यवाही की मांग की गयी है किंतु उसको अनसूना करके लाठी डंडों के बल पर सड़क निर्माण का कार्य किया जा रहा है। इसके प्रतिरोध स्वरूप जुगरागांव के पीड़ित किसान विगत 10 दिनों से अनशन कर रहे हैं किंतु सरकार के द्वारा कोई कार्यवाही नहीं किया जा रहा है।


शंकर राम ने बताया कि बंदूक की नोक पर किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है। ग्रामीणों में काफी खौफ है, पहले ही चार आंदोलनकारियों को झड़प दिखाकर पुलिस ने गोली का षिकार बना लिया है। अघोषित आपाल काल लागू चल रहा है। राजद नेता गौतम सागर राणा ने कहा कि कंपनियों को जमीन नहीं देने के ग्रामसभा के निर्णयों को खारिज करके सरकार जबरदस्ती मारपीट और धमका कर ग्रामीणों को उत्पीड़ित कर रही है। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व मण्डल अध्यक्ष कैलाश साव ने कहा कि निर्दोषों को फर्जी आपराधिक प्रकरणों में फंसाया जा रहा है।
इस दौरान एकता परिषद के राष्ट्रीय समन्व्यक अनीष कुमार, राष्ट्रीय मंत्री अनिल गुप्ता, समीति के सदस्य बीरेन्द्र कुमार सहित सैकड़ो ग्रामीण मौजूद रहे। ज्ञात हो कि 8 जून को बड़कागावं में जनसुनवाई आयोजित की जा रही है जिसमें राष्ट्रीय स्वाभिमान आंदोलन और देश के वरिष्ठ  चिंतक  गोविंदाचार्य जी उपस्थित होंगे।

 

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