प्रदर्शन कर रहे किसानों की स्वास्थय को लेकर सजग है मनोहर लाल

पंचायत खबर टोली

चंडीगढ़: देश में किसानों का आंदोलन हो रहा है। दिल्ली के सभी बोर्डर बंद हैं। हर बोर्डर पर किसान जमे हुए हैं। सरकार और किसान प्रतिनिधियों के बीच कई दौर की बात हो चुकी है। इस बीच किसानों ने 8 दिसंबर को भारत बंद भी बुलाया है। विपक्षी दल भी ​इस आंदोलन में किसानों के समर्थन में कूद आए हैं। लेकिन सरकार की चिंता किसान आंदोलन की तो है ही साथ ही प्रमुख चिंता किसानों के स्वास्थ्य को भी लेकर भी है। कोरोना का टीका जल्द आने वाला है इस बाबत देश के प्रधानमंत्री लगातार देश को आश्वस्त कर रहे हैं। लेकिन तथ्य ये भी है और जैसा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगाह भी किया है जब तक दवाई नहीं तब तक ढ़िलाई नहीं। प्रधानमंत्री के इसी संदेश को समझते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने इसी संदेश को समझते हुए प्रदर्शन कर रहे किसान भाईयों चाहे वो किसी प्रदेश के हों की देखभाल के लिए हर संभव उपाय को प्राथमिकता दे रहे हैं और मुख्यमंत्री द्वारा इसकी निगरानी की जा रही है।
किसानों के स्वास्थय देखभाल के लिए तत्पर

प्रदेश सरकार ने किसानों की मदद के लिए कुंडली और टिकरी बॉर्डर पर कई टीमें तैनात की हैं। चंडीगढ़ से सीएम मनोहर लाल हर पल की रिपोर्ट ले रहे हैं, ताकि किसानों को हर तरह की सुविधा मुहैया कराई जा सके। सोनीपत और झज्जर जिला प्रशासन द्वारा कुल मिलाकर 676 कर्मियों की ड्यूटी किसानों की सेवा में लगाई गई है। किसानों की चिकित्सा सुविधा के लिए 20 डॉक्टरों की टीम तैनात की है।

इनमें 10 आयुष डॉक्टरों के अलावा 10 एएनएम, 10 ईएमटी, 10 रेड क्रास वालिंटियर, 10 मलेरिया वर्कर, 10 चालक और पांच कोविड सेंपलिंग टीमें शामिल हैं। 22 पानी के टैंक लगाए गए हैं। नगर निगम सोनीपत की ओर से 90 सेनेटरी वर्कर, 30 ड्राइवर और 15 सुपरवाइजरी स्टॉफ नियुक्त किया गया है। 40 फॉयरमैन, 26 ड्राइवर और पांच सुपरवाइजरी स्टॉफ नियुक्त किए गए हैं। 10 ट्रक वेस्ट केलेक्शन में लगाए गए हैं। 40 फॉयरमैन भी डयूटी पर हैं, ताकि किसानों को किसी तरह की दिक्कत न हो। तीन एसडीओ, तीन जेई और 15 इलेक्ट्रिशियन की टीम भी नियुक्त की गई है। सोनीपत प्रशासन की ओर से कुल 346 कर्मचारियों की ड्यूटी किसानों की सेवा में लगाई गई है।

झज्जर में 330 कर्मी तैनात

न केवल सोनीपत बल्कि झज्जर जिला प्रशासन की ओर से भी किसानों की सुविधा के लिए कई टीमें उतारी गई हैं। यह टीमें आठों पहर किसानों की सेवा में लगी हुई हैं। इनमें प्रमुख रूप से छह हेल्थ पोस्ट बनाई गई हैं, इनमें पांच मेडिकल ऑफिसर, दो सीनियर मेडिकल ऑफिसर जबकि 18 मेडिकल टेक्निशियन नियुक्त किए गए हैं। बिजली सप्लाई के लिए 12 कर्मचारी भी नियुक्त किए गए हैं।

मास्क-साबुन का इंतजाम

किसानों की सेहत को ध्यान में रखने के लिए सरकार ने कई अन्य इंतजाम किए हैं, इनमें प्रमुख रूप से 48 ऐसे स्वयं सेवक लगाए गए हैं, जो मास्क और साबुन का वितरण कर रहे हैं। संबंधित विभाग के आला अफसरों को निर्देश दिए गए हैं किसानों को किसी तरह की दिक्कत नहीं होनी चाहिए।

912 किसानों की स्क्रीनिंग

रविवार को राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-44 पर धरना दे रहे 912 किसानों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। 1947 को मास्क बांटे गए। 702 किसानों को पैरासिटामोल की टेबलेट तथा 661 को बी-कॉम्पलैक्स की टेबलेट ओर 504 को विटामिन-सी की टेबलेट वितरित की गई हैं। आयुष विभाग के 502 इम्यूनिटी बूस्टर भी वितरित किए गए हैं।

किसानों को 300 सिलेंडर दे चुका खाद्य एवं आपूर्ति विभाग

झज्जर के टिकरी बॉर्डर से जाखोदा मोड़ तक किसान मौजूद हैं। ऐसे में 19 ड्यूटी मजिस्ट्रेट व 20 नोडल अधिकारी लगाए हुए हैं। नोडल अधिकारी निर्धारित किए गए क्षेत्र में आंदोलनरत किसानों की आवश्यकताओं की पूर्ति कर रहे हैं। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा अब तक 300 सिलेंडर आंदोलनरत किसानों को दिए जा चुके हैं। सुरक्षा के लिए सीसीटीवी लगाए हुए हैं।
बड़ी बात ये है कि किसानों से बातचीत कर एक तरफ केंद्र सरकार हल निकालने की हरसंभव ​कोशिश कर रही है, वहीं दूसरी ओर प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर प्रदर्शन कर रहे किसानों को हर तरह की सुविधा मिले ये सुनिश्चित कर रहे हैं।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *