पंचायत खबर डेस्क
गाजीपुर:सोशल मीडिया का दायरा बढ़ते जा रहा है। यह न सिर्फ आपको खबरें देता है..या मित्रों के विषय में जानकारी, विरोधियों के प्रति भड़ास निकालने का मौका देता है, और समय पर बिछड़ों को मिलाने का जरिया बन जाता है, बल्कि अब सोशल मीडिया अर्थात फेसबुक, ट्टवीटर के जरिए बेटियों की शादियां भी होने लगी है। कुछ ऐसा ही प्रभाव सामने आया है सोशल मीडिया अर्थात फेसबुक के जरिए किये गये अपील का।
क्या है मामला
पिछले वर्ष हुई आगलगी के कारण रेवतीपुर ब्लॉक के पिपरा निवासी रामप्रकाश यादव का घर क्या जला उनपर दुखों का पहाड़ टूट गया। एक तरफ जले—बिखरे घर को सवांरने, जले हुए परिजनों की देखभाल, जवान बेटी की शादी की चिंता, ऐसे में रामप्रकाश यादव को समझ नहीं आ रहा था कि कैसे अच्छे दिन आएंगे। इसी चिंता में दिन गुजर रहा था,तभी मानवीय स्वभाव के अनुरूप उन्होंने अपनी परेशानी समाज सेवी संगठन समग्र विकास इंडिया के ब्रजभूषण दूबे के सामने रखी। दूबे ने अपने फेसबुक प्रोफाईल से इस मजदूर साथी की पीड़ा को सबके सामने रखा। ऐसा करते वक्त उन्हें भी भरोसा नहीं था कि लोग मदद को सामने आएंगे। हालाकि उन्होने अपनी तरफ से बेटी की शादी में यथासंभव मदद की सोची थी। लेकिन फेसबुक पर अपील जारी करने के बाद कई लोग मदद को आगे आए। 22 अप्रैल का रामप्रकाश की बेटी निर्मला की शादी अच्छे तरीके से संपन्न हो गयी। इस शादी में जनसंगठनों से हुल्लास सेवा संस्थान करहिया के अध्यक्ष अमित महराज ने 21 साड़ियों के साथ ही 2100 रूपये से मदद किया। बड़ी बात यह है कि खुद ईलाके के थानेदार ने फेसबुक पर अपील देखकर 5001 रूपये का दान दिया। समग्र विकास इंडिया से जुड़े लोगों ने भी बढ़चढकर निर्मला की शादी में योगदान दिया। इसीलिए कहते हैं कि बेटी और खेती पड़ी नहीं रहती। सोशल मीडिया के इतने बड़े संसार के लिए मदद का इससे बड़ा मौका क्या हो सकता था।


