अपराजिता संतोष
ये तीन तस्वीरें हैं। तीनों बिहार से जुड़ी। सबमे एक ही सवाल परीक्षा और नकल। पहली तस्वीर पिछले साल की है। जब वैशाली में मैट्रिक के परीक्षा के दौरान खिड़की पर नकल कराने वालों की तस्वीर मीडिया में आई,तो देश विदेश में, पत्र—पत्रिकाओं,सोशल मीडिया में बिहार में परीक्षा के दौरान कदाचार को लेकर खबरें छपी, लेख लिखे गये। टीवी स्टूडियो में चर्चायें हुई। बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री का बयान आया हम नकल पर पूरी तरह नकेल नहीं कस सकते। बाद में मुख्य मंत्री नीतिश कुमार ने खुद मोर्चा संभालते हुए बिहार की बिगड़ती छवी पर नकेल कसा और कहा,ऐसे मामले इक्का दुक्का, कानून अपना कामा करेगा।
दूसरी तस्वीर इस वर्ष की है। जब रोज-रोज की चेकिंग से परेशान होकर गंजी-गमछा में परीक्षा देने के लिए छात्र परीक्षा केंद्र पहुंच गया। खबर के मुताबिक बिहार में इन दिनों इंटर की परीक्षा चल रही है. परीक्षा में नकल रोकने के लिए हर जगह पर जमकर सख्ती दिखाई जा रही है। राज्य भर में चल रही परीक्षा में परीक्षा केंद्रों में प्रवेश से पहले छात्र-छात्राओं की गहन तलाशी ली जा रही है ।
इसी क्रम में रोज-रोज की झंझट से बचने के लिए और कोई नकल करने का शक भी ना करे छपरा में एक छात्र ने अजीबोगरीब तरीका अपनाया। छपरा के आरडीएस पब्लिक स्कूल परीक्षा सेंटर पर जब छात्र परीक्षा देने पहुंचा तो परीक्षार्थी पर सबकी निगाहें टिकी थीं। परीक्षार्थी शर्ट-पैंट की बजाए गंजी और गमछा में ही परीक्षा देने पहुंच गया। परीक्षार्थी पीएन कॉलेज परसा का था। गमछा में पहुंचे छात्र से जब कुछ पत्रकारों और वीक्षकों ने उसके कपड़ों को लेकर सवाल पूछा तो उसने जवाब दिया कि बिना पढ़ाई के कड़ाई हो रही है। परीक्षा केन्द्र पर जबरन जूते कपड़े खुलवाए जा रहे हैं। इससे अच्छा है कि घर से ही गमछा गंजी में आएं, ताकि बार-बार जांच नहीं करानी पड़े और जो भी याद है सुकून से लिख सकूं। दरअसल एक दिन पहले ही वीक्षकों ने उस छात्र के कपड़े से लेकर जूते तक उतरवाकर उसकी चेकिंग की थी, लेकिन उसके पास से नकल का कोई भी सामान नहीं मिला था। इस परेशानी से आजिज छात्र ने चेकिंग से बचने का नायाब तरीका ढूंढ़ निकाला। परीक्षार्थी के इस परिधान को देख कर सेंटप पर तैनात मजिस्ट्रेट तक दंग रह गए।
अब बात करें तीसरी तस्वीर की। तीसरी तस्वीर भी बिहार के मुजफफरपुर की है जब सेना भर्ती में लिखित परीक्षा के दौरान छात्रों को नंगे शरीर केवल जांघिये में परीक्षा देना पड़ा। कथित तौर पर ऐसा इस लिए किया गया ताकि कदाचार से बचा जा सके।
खबर के मुताबिक सेना में क्लर्क भर्ती की परीक्षा के दौरान परीक्षार्थियों के कपड़े उतराने की शर्मनाक घटना सामने आई है। मुजफ्फरपुर में हुई इस परीक्षा के दौरान परीक्षार्थियों को केवल अंडरवियर में बैठाया गया। पिछले रविवार को लगभग 1150 परीक्षार्थियों ने लगभग अर्धनग्न अवस्था में एक मैदान में बैठककर परीक्षा दी। खबरों के अनुसार परीक्षा से पहले ही अभ्यार्थियों को पैंट और शर्ट उतराने को कहा गया। इतना ही नहीं उनसे बनियान तक भी उतार ली गई। ऐसा इसलिए किया गया ताकि वे किसी भी तरह से नकल ना कर सकें।पटना हाईकोर्ट ने लिया संज्ञानउधर पटना हाईकोर्ट ने इस मामले में संज्ञान लिया है। यहां अभ्यर्थियों को अद्र्धनग्न हाल में केवल अंडरवियर पहनकर परीक्षा देना पड़ा। इस फरमान को लेकर लोग हैरत में पड़ गए थे। कुछ लोगों के मुताबिक यह अमानवीय दृश्य था और दोषी पदाधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। रक्षा मंत्रालय भी इस मामले में हरकत में आया है. सूत्रों के अनुसार, इस मामले में रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने सेना प्रमुख जनरल दलबीर सिंह सुहाग से रिपोर्ट मांगी है और पूछा है कि आखिर किस परिस्थिति में इस तरह परीक्षा लेने की नौबत आयी।
गौरतलब है हो कि उत्तर बिहार के आठ जिलों के अभ्यर्थियों के लिए सेना भर्ती रैली का आयोजन किया गया था। दौड़ और मेडिकल जांच में सफल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए चक्कर मैदान में लिखित परीक्षा का आयोजन किया गया था। यह देखा गया कि कि अभ्यर्थी अंडरवियर पहनकर मैदान में बैठे हुए परीक्षा दे रहे थे।



