संतोष कुमार सिंह
चिड़िया उड… घोड़ा उड़..हांथी उड़, गिद्ध उड़..हांथ उठाते गिराते बच्चों का यह खेल। लेकिन जब कोई पूरे प्रदेश को ही उडाने लगे तो फिर ध्यान जाना स्वाभाविक है। सब इस उड़..उडडडडडडडडडडडड़ के खेल में मजे में हैं। किसी को फिल्म बेचना है। तो किसी को सियासत। किसी को वोट चाहिए तो किसी को नोट। लेकिन इस वोट और नोट के खेल में पूरी पीढ़ि दाव पर लग गयी है। अर्थात फिल्मकार जब पंजाब को उड़ाने लगे तो बवाल तो मचना ही है। कोई कट मार रहा है तो कोई पूरा देखना चाह रहा है। लेकिन आखिर ऐसा क्या है जिससे पूरा प्रदेश ही उड़ जाये। वो है नशे की लत। ड्रग्स की लत। कोई फिल्मो के जरिए इसे बता रहा है तो कोई राजनीतिक कौशल से इसे छिपा रहा है। ईन सब के बीच पंजाब में ड्रग्स एक बड़ी समस्या बनी हुई है।
इस बीच न्यायालय उड़ते पंजाब को अनुमति दे दी है। कोई कह रहा है अदालत के फैसले का स्वागत, तो कोई सियासत देख रहा है। फ़िल्मकार के मंशा पर सवाल खड़े किये जा रहे हैं।
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी यहां पर पहुंचते हैं। उन्होंने धरने में भागीदारी की। उन्होंने नशाखोरी को पंजाब की एक बड़ी परेशानी बताया। उन्होंने कहा कि यदि पंजाब में सरकार बनती है तो इससे एक माह में ही नशे का कारोबार यहां से समाप्त हो जाएगा। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी फिल्म उड़ता पंजाब को सही बताते हैं, सरकार पर निशाना साधते हैं।
कैप्टन अमरिंदर सिंह, पंजाब प्रदेश कांग्रेस प्रधान कहते हैं, “मुंबई हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत है। सेंसर बोर्ड के कदम से तो फिल्म की आत्मा ही मर जाती। उम्मीद है कि फिल्म उन लोगों की आंखें खोलेगी, जो इस मुद्दे को नकारते रहे हैं। यह सीएम प्रकाश सिंह बादल और डिप्टी सीएम सुखबीर बादल के लिए सबक होगा क्योंकि वे फिल्म निर्माताओं पर पंजाब को बदनाम करने की कोशिश कर रहे थे।
अरविंद केजरीवाल, आप संयोजक कहते हैं कि…अदालत का फैसला मोदी शासन की असहिष्णुता पर करारा तमाचा है।
बाबा रामदेव ने कहा है की पंजाब में ड्रग्स की जितनी बड़ी समस्या बताई जा रही है, वो ठीक नहीं है।
ओम पुरी से जब फिल्म ‘उड़ता पंजाब’ मुद्दे पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने इसके लिए निश्चित तौर पर सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि उड़ता पंजाब फिल्म को लेकर इसलिए सरकार को मिर्ची लगी हुई है क्योंकि वह राज्य की हकीकत से रू-ब-रू कराती है। पंजाब की हालत बेहद खराब है और इसमें निश्चित तौर पर स्थानीय पुलिस और राजनेताओं की मिलीभगत है। उन्होंने बीजेपी की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर बीजेपी वास्तव में ड्रग्स के खिलाफ है तो वह खुलकर सामने आए और मौजूदा सरकार से अपना समर्थन वापस ले।
उड़ता पंजाब। पंजाब उड़ रहा है। सियासत लाभ हानी के गणित में लगी हुई है। केवल पंजाब ही उड़ रहा हो ऐसी बात नहीं है। अब तो छोटे—छोटे कस्बों में ड्रग्स उपलब्ध है। युवा उड़ान भर रहे हैं। कहीं ड्रग्स लेकर, तो कहीं दारू के साथ, तो कहीं गांजा के साथ, तो कहीं भांग से ही काम चलाया जा रहा है। सामाजिक बंदिशें कम हो रही है। युवाओं में उड़ने का चलन बढ़ा है। लेकिन सवाल है ये उड़ान कब तक। जब सबकुछ गंवा के होश में आये भी तो क्या?
पत्रकार इकबाल कौर कहती हैं केवल पंजाब में ही नहीं डेल्ही के सेक्टर 16 की सरदार कॉलोनी और तिलक विहार में दंगों के शिकार परिवारों को बसाया गया, लेकिन आज वहां युवाओं की हालत बहुत खराब है। ज्यादातर युवा नशे में रहते हैं, वो अपने अतीत को भुला नहीं पा रहे हैं। वहां उड़ता पंजाब साफ देखा जा सकता है। पंजाबी युवा पढ़ाई के अलावा खेलकूद की गतिविधियों में भी आगे रहते थे। बैसाखी में खास मेले लगते थे। जहां युवा अपना जौहर दिखाते थे, लेकिन सरकारों ने यहां कृषि पर तो ध्यान दिया, पर औद्योगिक विकास पिछड़ गया, नतीजा यह हुआ कि एमबीए, इंजीनियरिंग किया युवा, या तो राज्य के बाहर चले गया, या खेतीबाड़ी में लगा, उसमें भी वे युवा, जिनके पास खेती थी। इधर, जो बेरोजगार था, नशे की ओर मुड़ गया। पंजाब में बाहर जाने की ललक बढ़ने लगी। युवाओं ने अमेरिका, ब्रिटेन फ्रांस जैसे देशों को आगे बढ़ने का अवसर मान लिया।
नशा किसी तरह का भी हो, नशा तो नशा है, फिर भले ही वह ड्रग्ज, शराब यां नशीली दवाएं क्यों ना हो। लोग समझ रहे हैं..युवा पीढ़ि बर्बाद हो रही है लेकिन इनके बीच में कोई ऐसा भी है जो इस उड़—उड़ के खेल से वाकिफ.. सही मायने में पंजाब के युवाओं की भलाई चाहता है। हॉकी टीम के कप्तान सरदार सिंह बिना किसी हिचक के कहते हैं, यदि वे खेल के समर्पित नहीं होते तो निश्चित रूप से ड्रग का व्यसन उन्हें घर कर गया होता। सरदार कहते हैं कि पूरा प्रदेश ही ड्रग्स के चपेट में है। खिलाड़ियों को मैदान पर अभ्यास के लिए उतरना होता है। उन्हें अभ्यास करना होता है। जीवन संतुलित रखना होता है। यदि खेल का प्रभाव युवाओं के बीच बढ़ाया जाए तो युवा ड्रग्स के लत से बाहर आ सकते है। सरदार सिंह युवाओं को ड्रग्स की लत से बाहर निकालने को तैयार है।

