
सोनपुर: विश्व प्रसिद्ध सोनपुर मेला में बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के बैनर तले आपदाओं में सुरक्षित रहने की जानकारी दी जा रही है। गुरुवार को आशादीप दिव्यांग स्कूल, दीघा के मूक-बधिर बच्चों ने मेले के मुख्य पंडाल में विभिन्न आपदाओं से बचाव की जानकारी नाटक के माध्यम से दी। 18 बच्चों की टीम ने बाढ़, भूकंप, आग, वज्रपात, सड़क दुर्घटना जैसी आपदाओं में सुरक्षित रहने का संदेश दिया।
सिस्टर लिसी मैथ्यू, निशी लिंडा, सलोनी कुमारी और मो. अतहर अली के मार्गदर्शन में इन बच्चों ने मुख्य पंडाल के मंच पर इंद्रधनुषी छटा बिखेर दी। रंग-बिरंगे कपड़ों में सजे बच्चे कभी रोपनी करते किसान बन जाते, तो कभी बाइक उड़ाते युवा। कभी पेड़ बन जाते, कभी सीढी। दिव्यांग बच्चों को इतनी फुर्ती से यह सब करता देख दर्शक मंत्रमुग्ध नजर आए। तालियों की गड़गड़ाहट से इनका स्वागत किया।
इधर, प्राधिकरण के पेवेलियन में सैकड़ों लोगों ने विभिन्न स्टॉल पर आकर बड़ी दिलचस्पी के साथ आपदा प्रबंधन से जुड़ी बारीकियां समझने का प्रयास किया। उत्क्रमित मध्य विद्यालय, जहांगीरपुर, सोनपुर और डीपीएस, वैशाली के बच्चों ने प्राधिकरण के पेवेलियन में आपदाओं से बचने के तौर-तरीके सीखे। जहांगीरपुर विद्यालय के बच्चों ने आपदा जागरूकता के विभिन्न कार्यक्रमों में शिरकत की। पेंटिंग्स, नुक्कड़ नाटक और माॅकड्रिल में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। 57 बच्चों के साथ पूरे दिन एक्टिविटीज का दौर चलता रहा। शिक्षिका अन्नू कुमारी व शिक्षक संजय कुमार ने आपदा के खतरों के प्रति इन्हें आगाह किया।
एसडीआरएफ, सिविल डिफेंस, बिहार अग्निशमन सेवा, और आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के विशेषज्ञों ने मेलार्थियों को भूकंप, अगलगी, वज्रपात, सड़क दुर्घटना, शीतलहर, सर्पदंश समेत अन्य आपदाओं में बचने की विस्तार से जानकारी दी। उत्कर्ष एक पहल और डाक्टर्स फॉर यू के चिकित्सकों ने मेलार्थियों की निःशुल्क जांच कर परामर्श दिया। मेला क्षेत्र में घूम-घूम कर नाट्यकर्मियों के दल ने नुक्कड़ नाटक कर लोगों को आपदाओं में सुरक्षित रहने के लिए जागरूक किया। नाटक की संगीतमय प्रस्तुति देखने ग्रामीण क्षेत्र के लोगों में खासा उत्साह नजर आया।


