- 33 हजार के सापेक्ष 42 सौ कुंतल हुआ वितरित, हों तत्पर
- सीधे खाते में जाएगा पैसा, बिचौलियों से भी मिलेगी मुक्ति

पुरुषार्थ सिंह
मऊ :पैसे बचाने को लेकर और बिचौलियों से मुक्ति को लेकर समय—समय पर नारे गढ़े जाते रहे हैं। कभी यह कहा गया कि केंद्र से जो पैसा जाता है उसका 15 पैसा ही गांव पहुंचता है, तो कभी यह दावे होते रहे कि सरकार ने पारदर्शिता लाकर इतने पैसे बचाये। हालांकि डायरेक्ट कैस ट्रांसफर को लेकर लोगों के मन में संदेह भी रहा है। फिर भी कृषि विभाग भी अब डायरेक्ट बेनफिट ट्रांसफर (डीबीटी) योजना के तहत गैस सब्सिडी की तर्ज पर किसानों को अनुदान का लाभ दे रहा है। चयनित और पंजीकृत खातों में सीधे-सीधे पैसा स्थानांतरित कर दिया जाएगा। इससे जहां विभागीय लोचा और बिचौलियों से मुक्ति मिलेगी। वहीं अनुदान की पाई-पाई का हिसाब भी प्राप्त हो जाएगा।
विभाग द्वारा रबी सीजन में अब तक 42 सौ कुंतल दलहन-तिलहन के बीज का वितरण करते हुए किसानों के खाते में अनुदान का पैसा भेज दिया गया है। जबकि इस वर्ष में रबी में कुल 33 हजार कुंतल अनुदानित बीज वितरण का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए किसानों का विभाग में अपना पंजीकरण कराना आवश्यक होगा।
कृषि विभाग द्वारा प्रति वर्ष किसानों को मिलने वाले अनुदान में घालमेल से मुक्ति के लिए डायरेक्ट बेनफिट ट्रांसफर (डीबीटी) योजना की शुरुआत की गई है। इसमें किसानों को विभागीय पंजीकरण, कृषि भूमि की स्थिति, फार्म 61-ख, बैक पास बुक की छायाप्रति आदि विभागीय रुप से जमा कराते हुए पंजीकरण कराना है। इसके उपरांत दो हेक्टेयर प्रक्षेत्र तक के किसानों को पंजीकरण दिया जाना है। इसमें चना, मटर, मसूर, सरसों, तोरिया, गेहूं आदि के बीज का अनुदान सीधे किसानों के खाते में स्थानांतरित किया जाएगा। इसके लिए कृषि विभाग सहित सहकारिता, यूपी एग्रो व बीज विकास निगम को भी इस योजना का भागीदार बनाया गया है।
