
नई दिल्ली: संसद में बजट सत्र उस वक्त हंगामेदार हो गया। जब सदन में ठोका-ठोकी की बात होने लगी। राज्यसभा में मंगलवार को सब सामान्य चल रहा था। अचानक मल्लिकार्जुन खरगे ने ऐसी बात कह दी। जिससे पूरे सदन में सियासी गर्मी बढ़ गई। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष बोलना चाह रहे थे। तभी उपसभापति ने उन्हें रोका। इस पर मल्लिकार्जुन खरगे आग बबूला हो गए। उन्होंने सीधे चेयर की ओर इशारा कर कहा कि डिक्टेटरशिप हो गया है। मुझे बोलना है। हम बोलने के लिए तैयारी भी किए हैं। और आपको क्या-क्या ठोकना है, हम ठीक से ठोकेंगे। इस पर उपसभापति ने आपत्ति जताई।
इसके बाद मल्लिकार्जुन खरगे बैकफुट पर आ गए। उन्होंने हाथ जोड़ लिया। हाथ जोड़कर सफाई देने लगे, उन्होंने कहा कि सर आपको नहीं, उनको ठोकेंगे, सरकार को ठोकेंगे, आप सुनिए, इसके बाद उपसभापति ने सदन के नेता जेपी नड्डा को बोलने का मौका दिया। लीडर ऑफ हाउस जेपी नड्डा ने मल्लिकार्जुन खरगे को अच्छे से रगड़ा।
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अपनी सीट से उठकर जेपी नड्डा ने कहा, ‘बहुत ही दुख की बात है कि एलओपी ने ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया। वह तर्जुबेकार हैं और लंबे समय तक संसदीय सदस्य के रूप में काम किया। उन्होंने जो भाषा का उपयोग किया और चेयर पर जो एक्सप्रेशन दिया है वो अति निंदनीय है। उन्हें माफी मांगनी चाहिए। चेयर के प्रति जिन शब्दों का इस्तेमाल किया गया है, वह माफी योग्य नहीं है। वह अस्वीकार्य है। फिर भी एलओपी को माफी मांगनी चाहिए, अपने शब्दों को वापस लेना चाहिए, नहीं तो इसे कार्यवाही से हटा देना चाहिए।’
