वर्षा वर्मा
प्रयागराज: मौनी अमावस्या स्नान के पूर्व ही संगम तट पर भगदड़ की घटना को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गुरुवार को मुख्य सचिव मनोज कुमार व डीजीपी प्रशांत कुमार महाकुंभ नगर आएंगे। दोनों अधिकारी हेलीकॉप्टर से डीपीएस मैदान पर आएंगे। वहां से कार से वे संगम तट स्थित घटनास्थल जाएंगे। इसके बाद उच्चाधिकारियों के साथ मेला प्राधिकरण के सभागार में महत्वपूर्ण बैठक भी करेंगे।
संगम तट पर भगदड़ की घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कई निर्देश दिए हैं। कहा है कि महाकुंभ मेला क्षेत्र हो अथवा प्रयागराज से बाहर के मार्ग हों, यातायात कहीं भी नहीं रुकना चाहिए। एक-एक श्रद्धालु को उनके गंतव्य तक पहुंचाना सरकार की जिम्मेदारी है। स्टेशनों तथा उसके बाहर ज्यादा भीड़ इकट्ठा न होने पाए। ज्यादा से ज्यादा ट्रेनों और बसों का संचालन किया जाए।
प्रयागराज की ओर आने वाले हर मार्ग पर पेट्रोलिंग बढ़ाएं। होल्डिंग एरिया में भोजन, पेयजल के पर्याप्त प्रबंध हों। मुख्यमंत्री ने इसके साथ ही महाकुंभ में व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए प्रयागराज में मंडलायुक्त रह चुके आशीष गोयल और जिलाधिकारी तथा पीडीए उपाध्यक्ष रह चुके भानुचंद्र गोस्वामी की भी तैनाती की है। उनके अलावा पांच विशेष सचिवों की भी तैनाती की गई है। यह सभी 12 फरवरी तक प्रयागराज में रहेंगे।
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महाकुंभ में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद मुख्यमंत्री ने देर रात शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में प्रयागराज, कौशांबी, वाराणसी, अयोध्या, मीरजापुर, बस्ती, जौनपुर, चित्रकूट, बांदा अंबेडकर नगर, प्रतापगढ़, संत कबीर नगर, भदोही, रायबरेली, गोरखपुर जिलों में तैनात वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से विशेष बैठक कर दिशा-निर्देश दिए।
एडीजी और जिलाधिकारी प्रयागराज से अपडेट जानकारी लेते हुए मुख्यमंत्री ने महाकुंभ मेला क्षेत्र में लगातार सतर्कता-सावधानी बनाए रखने के निर्देश दिए। अयोध्या, वाराणसी, मीरजापुर और चित्रकूट के अधिकारियों से वहां विभिन्न क्षेत्रों से आ रहे श्रद्धालुओं की सुरक्षा व सुविधा के दृष्टिगत किए गए प्रबंध की जानकारी ली। प्रयागराज से सीमा साझा करने वाले सभी जिलों के अधिकारियों से लगातार प्रयागराज प्रशासन से संपर्क-समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।

