कुल्लू । राज्य महासचिव होतम सिंह सौंखला ने इस दौरान प्रदेश सरकार से मांग की है कि सेब के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करके कानूनी तौर से लागू किया जाए, जबकि विदेश से आने वाले सेब पर शत प्रतिशत आयात शुल्क लगाया जाए। उन्होंने यह भी मांग की है कि यूनिवर्सल कार्टन को अनिवार्य किया जाए और साथ में खाद व दवाइयां सस्ते दामों पर किसानों को उपलब्ध करवाई जाएं। हिमाचल प्रदेश के बागवानों की समस्याओं को लेकर हिमाचल किसान सभा जिला कुल्लू ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को डीसी कुल्लू के माध्यम से ज्ञापन सौंपा है, जिसमें प्रदेश के बागवानों की समस्याओं को हल करने की मांग की गई है। हिमाचल किसान सभा के राज्य महासचिव होतम सिंह सौंखला सहित जिला कुल्लू के पदाधिकारियों ने डीसी कार्यालय पहुंचकर यह ज्ञापन सौंपा।
GST हटाने की मांग
मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में किसान सभा ने मांग की है कि सेब से जुड़े सभी तरह के उत्पादों और उपकरणों से GST हटाई जाए और प्रदेश में सरकारी सीए स्टोर का निर्माण किया जाए और निजी सीए स्टोर को मर्ज किया जाए।
कश्मीर की तर्ज पर मंडी में मध्यस्थता
होतम सौंखला ने राज्य सरकार से मांग की है कि प्रदेश में भी कश्मीर की तर्ज पर मंडी में मध्यस्थता योजना पूर्ण रूप से लागू की जाए। इसके साथ ही HPMC व हिमफेड द्वारा बागवानों से लिए गए सेब का भुगतान तुरंत किया जाए। उन्होंने इस दौरान प्रदेश की विभिन्न मंडियों में HPMC कानून को सख्ती से लागू करने का भी आग्रह किया है।
बैरियर पर बागवानों से हो रही वसूली पर रोक की मांग
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर लगाए गए बैरियर पर बागवानों से मार्केट की वसूली जा रही है, जिस पर उन्होंने तुरंत रोक लगाने की मांग की है। साथ में शोघी बैरियर को बंद करने की भी उन्होंने मांग उठाई है। इसके अलावा मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में किसान सभा ने यह भी मांग की है कि सरकार क्रिएट में वजन के हिसाब से सेब की खरीद की प्रक्रिया शुरू करवाए और सभी सेब की मंडियों में वजन के हिसाब से बेचा जाए।
प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान का उचित मुआवजा
उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की है कि ओलावृष्टि, भारी वर्षा, बर्फबारी, सूखा व अन्य प्राकृतिक आपदाओं से बागवानों को हुए नुकसान का सरकार उचित मुआवजा प्रदान करे, ताकि बागवानों को राहत मिल सके।

