नई जिंदगी देने में हर घंटे 30 मांएं गंवा
रिसर्च में पाया गया कि जो पुरुष थकाऊ या मुश्किल काम करते हैं, उनका स्पर्म काउंट वाइट कॉलर जॉब वालों से 50% तक ज्यादा होता है। ‘हार्वर्ड टी.एच चान पब्लिक स्कूल ऑफ हेल्थ’ की नई रिसर्च में पुरुषों के स्पर्म काउंट और दफ्तर मे उनके काम के बीच सीधा संबंध पाया गया है। रिसर्च के मुताबिक, जो पुरुष अपने ऑफिस में मुश्किल काम करते हैं, ज्यादा बोझ या प्रेशर उठातें हैं, उनका स्पर्म काउंट ऐसा न करने वालों के मुकाबले बेहतर होता है। ज्यादा सोने वाले लोग लंबी जिंदगी जीते हैं। यह दावा एक नई रिसर्च में किया गया है। ‘वर्ल्ड कांग्रेस ऑफ कार्डियोलॉजी’ में पढ़े गए एक पर्चे के मुताबिक ज्यादा नींद और लंबी उम्र एक-दूसरे से सीधे जुड़ी हुई है। रिसर्च में पाया गया कि अच्छी और लंबी नींद लेने वालों की जिंदगी ऐसा न करने वालों के मुकाबले 4.5 साल तक लंबी हो सकती है।
हर दूसरे मिनट जाती है एक मां की जानःWHO
वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन(WHO) के नए आंकड़े बताते हैं कि हर दूसरे मिनट एक मां की मौत होती है। ये मौत प्रेग्नेंसी के दौरान या बच्चे की डिलिवरी के वक्त होती है।WHO ने साल 2000 से लेकर 2020 तक का आंकड़ा जुटाया है। जिसमें पाया गया कि अभी भी प्रेग्नेंसी और डिलिवरी दुनिया भर में महिलाओं की मौत का सबसे बड़ा कारण है। एक अन्य अनुमान के मुताबिक इस दौरान होने वाली 95% मौतें रोकी जा सकती थीं। यानी खराब हेल्थ केयर सिस्टम, घरवालों की लापरवाही के चलते बड़ी संख्या में मांएं नए जीवन को लाने के दौरान मर रही हैं। साल 2020 में इस वजह से दुनिया भर में लगभग 3 लाख मांओं की मौत हुई। इससे पहले साल 2016 में रिकॉर्ड 3.9 लाख महिलाओं की जान गई थी। जानकारों का मानना है कि कम उम्र में मां बनना, घर पर डिलिवरी और समुचित मेडिकल केयर का अभाव इन मौतों के लिए जिम्मेदार है।
कंबोडिया में बर्ड फ्लू से गई लड़की की जान, WHO हुआ परेशान
खतरनाक बर्ड फ्लू एक बार फिर सिर उठा रहा। इसके चलते कंबोडिया में एक लड़की की जान चली गई। जबकि उसके पिता में भी ये संक्रमण पाया गया। उसका इलाज चल रहा है, जहां उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। काफी वक्त बाद बर्ड फ्लू के चलते इंसान की मौत की खबर आई है। जिसके चलते वर्ल्ड हेल्थ आर्गनाइजेशन चिंतित हो गया है। खतरनाक कोविड महामारी के बाद संक्रामक बीमारियों को लेकर WHO काफी सचेत है। इसने कंबोडिया के अधिकारियों से संपर्क कर रिपोर्ट मांगी है। दूसरे देशों के लिए एक चेतावनी भी जारी की गई है। बता दें कि बर्ड फ्लू चिड़ियों में होने वाली एक संक्रामक बीमारी है। आमतौर पर यह इंसानों को नहीं होता। लेकिन जब इंसान संक्रमित बर्ड के सीधे संपर्क में आते हैं तो उसके भी संक्रमित होने का खतरा होता है। दुनिया भर में पोल्ट्री इंडस्ट्री काफी बढ़ चुकी है। लगभग हर जगह लोग चिकेन खाते हैं। बर्ड फ्लू फैलने की स्थिति में इससे भी इंसानों में संक्रमण फैल सकता है। यही वजह है कि WHO सावधानी बरत रही है।
