वर्षा वर्मा
Delhi Election 2025: दिल्ली विधानसभा चुनाव का ऐलान हो चुका है और सभी दलों ने इसकी तैयारियां भी शुरू कर दी है। इस बार का चुनाव त्रिकोणीय बन गया है। बीजेपी कांग्रेस और आम आदमी पार्टी आमने सामने है। पिछली बार के लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने गठबंधन के साथ चुनाव लड़ा था लेकिन कोई फायदा नहीं मिला। इस बार कांग्रेस और ‘आप’ आमने सामने है।
कांग्रेस का वोट AAP में हुआ शामिल
दिल्ली के राजनीति को साल 2013 से देखें तो भले बीजेपी चुनाव नहीं जीत पाई हो लेकिन उसके वोट प्रतिशत में कोई खास गिरावट दर्ज नहीं हुई है। साल दर साल कांग्रेस का वोट प्रतिशत दिल्ली में गिरता चला गया। 2015 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का वोट शेयर में भारी गिरावट हुआ और 24 % से सीधे 9% पर चल गया है। आम आदमी पार्टी को इसका सबसे ज्यादा फायदा मिला। कांग्रेस का वोट शेयर आम आदमी पार्टी की तरफ शिफ्ट हो गया और यही कारण था कि AAP को 50% के करीब वोट हासिल हुआ।
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कांग्रेस हुई मजबूत तो AAP पर पड़ेगा असर
दिल्ली में साल 2015 से ही अल्पसंख्यक वोटों में बड़ा बदलाव आया। कांग्रेस का वोट अरविंद केजरीवाल के तरफ शिफ्ट होने लगा। दिल्ली के कई मुस्लिम बहुल सीटों पर आम आदमी पार्टी ने बड़े अंतर से जीत हिल की। इसके अलावा पूर्वांचल वोटर्स का अच्छा खासा वोट भी आम आदमी पार्टी के तरफ गया। अब अगर दिल्ली में कांग्रेस पार्टी अपने वोट प्रतिशत में इजाफा करती है तो इसका असर चुनावी नतीजों पर भी पड़ सकता है। इस बार कांग्रेस हर बार के मुकाबले आम आदमी पार्टी पर ज्यादा हमलावर है। पार्टी का प्रयास है कि कांग्रेस अपना खोया हुआ राजनीतिक वजूद दिल्ली में वापस ले।
