दशरथ मांझी के गांव पहुंचेंगी रेल की पटड़ियां: सुरेश प्रभु

0
1021

 

संतोष कुमार सिंह

नयी दिल्ली: तारी पी दशरथ..तारी पी..चखना में केकरा खा। पीये के पानी न..पानी पिला बिना तो गाय..भैंस मर गएले गांव में तो दूध का अतउ आकाश से। अब तो आकाशो में तारी दिखाई देत है। एही लबनिया घर के नाश कईले हब। मंगरूआ मुसहर टोला में और भुईंया सब न भेटलउ ह। जे हम मन में ठान लेही तो कुछो कर सक ही। 8 सेर हो या 8 पसेरी। हमरा पानी चाही पानी। हम कईसन लाग ही। तू हमरा गहरौल पहाड़ी पर सजल कनईल के फूल लाग हे। एही छेनी हथवरी से सीना चीर देबउ आ रास्ता बना देबउ। जौन गांव में आदमी के चले के रस्ता न है, वहां के आदमी जानवरे न है।dashu 3HDR newwwww

राजधानी का मावलंकर हॉल। देशज संवाद,तालियों की गड़गड़ाहट। उस पल का इंतजार की कब दशरथ मांझी पहाड़ का सीना चाक—चाक करके गहलौड़ की पहाड़ी से वजीरगंज के लिए रास्ता बना दें। और यह साबित हो जाए तोहर बेटवा सूअर न हव शेर हव शेर। हर कलाकार अपने पात्र जीवंत करता हुआ। मंत्रमुग्ध दर्शक।

जी हां ये नजारा था दिल्ली की झमाझम बरसात के बीच मावलंकर में आयोजित मगध महोत्सव का। इस बीच कार्यक्रम में दीप जलाकर उद्घाटन करने आए रेल मंत्री सुरेश प्रभु की यह घोषणा कि वह कल से ही इस काम पर लग जाएगें कि कैसे दशरथ मांझी के गांव तक रेल की पटरियां बिछ सकती हैं या वे और उनका मंत्रालय दशरथ मांझी की याद को जीवंत बनाने के लिए क्या कुछ कर सकता है।

dasu 2_HDR newwwwwपर्वत पुरुष दशरथ मांझी के संकल्पित जीवन से रेल मंत्री सुरेश प्रभु जी इतना प्रभावित हुवे की महोत्सव के मंच से ही उन्होंने घोषणा कर दी कि दशरथ मांझी के गांव गहलोत से काफी दूरी पर रेल होने के बावजूद भी मैं सर्वे कराकर उनके याद में जल्द कोई योजना का शुभारम्भ करूँगा। सुरेश प्रभु ने कहा कि अपने आप में इंसान क्या कर सकता है, उसका नमूना हैं दशरथ मांझी। गंगा मैया को अपने दर पर बुलाने का प्रयास भगीरथ प्रयास जैसा है। कुछ वैसा ही प्रयास दशरथ मांझी ने किया। वे आज के युग के लिए भगवान जैसे हैं। आजादी के बाद से ही देश में यह प्रवृति विकसित की गयी कि तुम्हें कुछ नहीं करना, सबकुछ सरकार करेगी। दशरथ मांझी सरकार के पास नहीं गये,बल्कि खुद रास्ता बनाया।   कार्यक्रम में पूर्व सांसद लवली आनंद ने इस मौके पर आनंद मोहन द्वारा लिखी गयी पुस्तक पर्वत पुरूष..दशरथ मांझी की चर्चा करते हुए कहा कि मांझी के जीवन में संघर्ष और परोपकार दोनों का समन्वय देखने को मिलता है।

dashu 4_180637 newwwwww

आज 29 अगस्त को दिल्ली के मावलंकर हॉल के सभागार में मगध महोत्सव कार्यक्रम हुआ। जिसकी कार्यक्रम की अध्यक्षता जहानाबाद के सांसद डॉ अरुण कुमार ने किया। विशिष्ठ अतिथि के रूप में गया के सांसद हरी माँझी, गुरूआ बिधायक राजीव नन्दन,बिज्ञान स्वरुप सिंह, खुर्शीद अनवर , राजीव रंजन टुटुल, प्रोफेसरअश्विनी कुमार सहित कई जाने मने लोग लोग मगध महोत्सव में सम्मिलित हुये। कार्यक्रम के आयोजक वरीय पत्रकार व अक्षर संसार फाउंडेशन के मुख्य ट्रस्टी कुंदन कुमार थे ।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here