संतोष कुमार सिंह
नयी दिल्ली: देश के अलग—अलग हिस्सों में गांधी के चंपारण सत्याग्रह का मंच सज गया है। विशेष तौर पर पटना से लेकर चंपारण तक कई कार्यक्रम हुए है। आगे भी होंगे। बुद्धीजीवि अपनी राय रखेंगे। गांधी को याद किया जायेगा। नीलहों की चर्चा होगी। किसानों की दशा पर विशेषज्ञ अपनी राय रखेंगे। ऐसे में जंतर—मंतर भला कैसे अछूता रहता। यहां भी मंच सज गया है। गांधी के चंपारण पर चर्चा के लिए नहीं बल्कि चंपारण में आयोजित होने वाले कार्यक्रमो का सच बताने के लिए। आत्मदाह करने वाले किसान को न्याय दिलाने के लिए।
जंतर—मंतर पर पीड़ित परिवार का धरना
मोतीहारी में आत्मदाह करने वाले नरेश श्रीवास्तव के मामले की सीबीआई जांच के लिए जंंतर—मंतर पर उनकी पत्नी पू
र्णिमा देवी की अध्यक्षता में धरने का आयोजन किया गया। यह धरना अगले पांच दिन तक चलेगा। इस धरना में शिरकत कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश ने बिहार सरकार पर दोषी लोगों को बचाने और सीबीआई जांच से बचने का आरोप लगाया है। स्वामी अग्निवेश ने कहा कि इस मुद्दे पर बिहार की सरकार का मौन रहना तथा बिहार के प्रमुख विपक्षी पार्टियों का मौन साधना यह साबित करता है कि इस घटना में पक्ष और विपक्ष दोनों की पूरक भागीदारी है । हमारे सीबीआई जांच की मांग को भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डाँ मनमोहन सिंह समर्थन किया है । उसके बावजूद बिहार में नीतीश कुमार की सरकार सारी गरिमा को भूल कर चुप्पी साधे हुई है । अगर वाकई बिहार सरकार मे वास्तविक इच्छाशक्ति है तो सीबीआई जांच की सिफारिश करें तभी जाकर भारत सरकार में बैठे केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह की संदिग्ध भूमिका एवं स्थानीय विधायक प्रमोद कुमार की लिप्तता सामने आये।
आंदोलन कारियों की प्रमुख मांग
(1) केंद्र सरकार , बिहार सरकार एवं बिरला ग्रुप के द्वारा संचालित चीनी मिल मालिक विमल कुमार नोपानी के जिस नापाक गठजोड़ ने 10 अप्रैल 2017 को नरेश श्रीवास्तव और सूरज बैठा को आत्मदाह करने को मजबूर करने के लिए उसकी सीबीआई जांच हो
(2.) मजदूरों पर से झूठे मुकदमे वापस लिए जाए ।
( 3 ) चीनी मिल मजदूरों और किसानों का बकाये का भुगतान दो महीने के भीतर हो ।
(4 ) नरेश और सूरज के पत्नियों को सरकारी नौकरी से जोड़ा जाए ।
(5 ) श्री हनुमान शुगर एण्ड इन्डस्ट्रीज लिमिटेड मोतिहारी चंपारण को अधिग्रहित कर गांधी जी के ट्रस्टीशिप के आधार पर चलायें।
(6.) दोनों शहीद परिवारों को 50 , 50 लाख रु० का मुवाजा दिया जाए।
इस धरना में स्वामी अग्निवेश के साथ गाँधीवादी विचारक मनोहर मानव तथा मोतिहारी शुगर मिल लेवर यूनियन के विनोद कुमार सिंह , बिपिन तिवारी , मोहम्मद बशीर अहमद, मोहम्मद सलीम अंसारी आदि ने भाग लिया। उन्होंने आरोप लगाया की हम राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति , प्रधानमंत्री तथा सभी राजनितिक दलों के सामने चम्पारण सत्याग्रह का सच उजागर करेंगें। आंदोलन कारियों का दावा है कि उन्हें डॉक्टर राम जी सिंह, पी वी राजगोपाल , अभिनेता टॉम आल्टर , सी पी एम की वृंद्रा करात , राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के डी पी त्रिपाठी, गांधीवादी एस एन सुब्बा राव , गोविंदा चार्य, पी के सिद्धार्थ , डॉक्टर सुनीलम आदि का समर्थन प्राप्त है।
