खेती किसानी

क्लाइमेट इमरजेंसी को झेलता बिहार

अमरनाथ पटना: बिहार में क्लाइमेट इमरजेंसी की स्थिती बनती दिख रही है। सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने के लिहाज से तैयार नीति आयोग की रिपोर्ट तो यही संकेत देते हैं। क्योंकि सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने के लिहाज से तैयार नीति आयोग की रिपोर्ट में बिहार को सबसे नीचले पादान पर रखे जाने …

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बिहार में टी हब किशनगंज में चाय की खेती करेंगी जीविका दीदियां

पंचायत खबर टोली किशनगंज: जीविका दीदियां अब चाय की खेती करेगी। किशनगंज में चाय बगान का पंजीकरण हुआ है।  चाय कंपनी का नाम महानंदा जीविका महिला एग्रो प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड रखा गया है। भारत सरकार के कारपोरेट मामलों के मंत्रालय से 14 जून को इसका प्रमाणपत्र मिल गया। यह जीविका दीदियों के चाय की खेती …

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जलवायु परिवर्तन के मामले में नीति आयोग की रिपोर्ट में बिहार फिसड्डी, राज्य सरकार अपने मुंह मियां मिट्ठू

अमरनाथ झा पटना: जलवायु परिवर्तन से बुरी तरह प्रभावित बिहार में इसे लेकर कोई जागरुकता नहीं है। हाल ही में नीति आयोग ने सतत विकास लक्ष्य के लिहाज से राज्यों की स्थिति के बारे में एक रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में बिहार को कई मामलों में सबसे निचले पायदान पर रखा गया है। …

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रीगा चीनी मिल और चीनी उद्योग को बचाने का इंतजाम करे सरकार

अमरनाथ झा पटना:बिहार में नई सरकार आने के बाद और उद्योगमंत्री के रूप में पूर्व केंद्रीय मंत्री रहे शाहनवाज हुसैन के पदभार संभालने के बाद नए-नए उद्योग लगाने की घोषणाएं लगातार की जा रही है, पर मौजूदा उद्योग को बचाने का कोई प्रयास नहीं दिख रहा। इस उलटबासी का ताजा शिकार चीनी उद्योग है। इस …

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लीची किसानों पर छाया संकट टला, व्यापारी उतरे…देश-विदेश में हो रहा निर्यात

अमरनाथ झा पटना: शुरुआती कठिनाई के बाद बिहार के लीची किसानों के चेहरे की रौनक लौट आई है क्योंकि दूसरे राज्यों के बाहरी व्यापारी लीची बगानों में उतर गए हैं। पहले कोरोना जनित बंदी की वजह से व्यापारी नहीं आ रहे थे, इसलिए लीची की फसल के बगानों में ही रह जाने का खतरा उत्पन्न …

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थोड़ी सी हो सजगता तो कर सकते हैं जल एवं पर्यावरण संरक्षण

रणविजय निषाद कौशाम्बी:आज सम्पूर्ण विश्व जल एवं पर्यावरण संरक्षण तथा इसके गिरते स्तर और शुद्धता के प्रति चिंतित है। हमको इस भयावह और विनाशकारी दृश्य के कारण के मूल में जाना ही होगा। स्वयंसेवी संस्थाओं और विभिन्न शासकीय प्रयासों के बावजूद भी हम चारो तरफ शुद्ध जल, भोजन एवं शीतल हवा के लिए त्राहिमाम-त्राहिमाम की …

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नहीं रहे प्रख्यात पर्यावरणविद सुंदरलाल बहुगुणा

संतोष कुमार सिंह ​देहरादून: चिपको आंदोलन के प्रणेता व जंगलों की रक्षा के लिए समर्पित योद्धा गांधीवादी सांचे में ढले प्रख्यात पर्यावरणविद सुंदरलाल बहुगुणा नहीं रहे। शुक्रवार 12 बजे 94 वर्ष के उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनका जन्म नौ जनवरी, 1927 को टिहरी जिले में हुआ था। वे डायबिटीज के साथ कोविड निमोनिया …

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याद किए जा रहे हैं प्रख्यात पर्यावरणविद सुंदर लाल बहुगुणा

मंगरूआ देहरादून: चिपको आंदोलन के प्रणेता व जंगलों की रक्षा के लिए समर्पित योद्धा गांधीवादी सांचे में ढले प्रख्यात पर्यावरणविद सुंदर लाल बहुगुणा नहीं रहे। शुक्रवार 12 बजे 94 वर्ष के उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनका जन्म नौ जनवरी, 1927 को टिहरी जिले में हुआ था। वे डायबिटीज के साथ कोविड निमोनिया से …

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बिहार में धान की सरकारी खरीद में गड़बड़झाला…खरीद हुई देर से शुरु, जल्दी बंद.. फिर भी डेढ़ गुना से अधिक खरीद

अमरनाथ झा पटना: बिहार में धान की सरकारी खरीद में अजीब-सा गड़बड़झाला नजर आता है, लेकिन ठीक से समझ में नहीं आता। इस वर्ष रिकार्ड 35 लाख टन धान की सरकारी खरीद हुई जबकि खरीद कम दिनों तक हुई और धान की उपज कम होने के आंकड़े आए हैं। आमतौर पर बीते पांच-सात वर्षों से …

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हर घर नल से जल योजना: चेहरा सामाजिक.. एजेंडा काॅरपोरेट का

अरूण तिवारी हर घर नल से जल योजना में स्रोत से लेकर गांव की हद तक पानी पहुंचाने का काम कंपनियों को सौंपा गया है। कोई गारंटी नहीं कि कंपनी आपूर्ति के मूल जल-स्रोत पर अपना हक़ नहीं जताएगी। एकाधिकार हुआ तो सिंचाई आदि के लिए पानी से इनकार किया जा सकता है, वसूली भी …

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