खेती किसानी

औने पौने दाम पर खुले बाजार में धान बेचने को मजबूर हैं बिहार के किसान

पटना: बिहार धान की सरकारी खरीद की मंथर गति से किसान नाराज हैं। वे चाहते हैं कि खरीद की आखिरी तारीख को मार्च तक बढ़ाया जाए। मालूम हो कि आमतौर पर धान की खरीद ३१ मार्च तक होती रही है, इस बार इसे घटाकर ३१ जनवरी तक कर दिया गया है,लेकिन खरीद की रफ्तार जस …

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सरकार और किसान के बीच रिश्ता पवित्र..तो फिर वो तीसरा कौन है जो नहीं होने दे रहा वार्ता सफल

नयी दिल्ली: किसान और सरकार के नुमाईंदो के बीच 11 दौर की लगभग 45 घंटे की बैठक। नतीजा सिफर। आखिर ऐसा क्यों हो रहा है। इस पड़ाव पर याद आती है धूमिल की वो कविताएक आदमीरोटी बेलता हैएक आदमी रोटी खाता हैएक तीसरा आदमी भी हैजो न रोटी बेलता है, न रोटी खाता हैवह सिर्फ़ …

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अपने-अपने खूंटे को थाम कर बैठे हैं अन्नदाता व रहनुमा..नतीजा वार्ता बेनतीजा

नयी दिल्ली: वैसे तो किसान आंदोलन में पंजाबी और हरियाणवी गीतों ने समां बाधा हुआ है लेकिन आज एक भोजपुरी कहावत के जरिए किसान आंदोलन में चल रही गतिविधियों को आप बखूबी समझ सकते हैं।भोजपुरी में एक कहावत है बाकी सब तो ठीक बा,लेकिन खूंटा उहंई गड़ाई। लगभग 59 दिन से ज्यादा वक्त से दिल्ली …

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किसान आंदोलन के बीच …संसद के विशेष सत्र के लिए अभियान पर निकले हैं साईनाथ

कृषि और संबंधित विषयों पर विचार करने के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग लेकर वरिष्ठ पत्रकार पी साईनाथ देशव्यापी अभियान चला रहे हैं। उनका कहना है कि कृषि और किसान पहले से ही संकट में हैं, नए कृषि कानून उस संकट को बेतहाशा बढ़ाने वाले हैं। तीनों कानून अवांछित और असंवैधानिक हैं। …

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सियासी गुणाभाग और गणतंत्र के पर्व के बीच जारी किसान संगठनों व सरकार के बीच जारी है शह मात का खेल,विपक्ष भी मौके की जुगत में

नयी दिल्ली: जैसे-जैसे गणतंत्र का पर्व नजदीक आ रहा है वैसे-वैसे सरकार की बैचैनी बढ़ती जा रही है। सरकार अपनी तरफ से ये पूरी कोशिश कर रही है कि दिल्ली के प्रवेश द्वार पर धरना दे रहे किसान संगठनों को समझा बुझाकर ट्रैक्टर रैली न करने के लिए मनाया जाए और किसान सरकार की बात …

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चढूनी के सियासी मंशा की भेंट न चढ़ जाये किसान आंदोलन, करोड़ों वसूलने व राजनीतिक साठगांठ के आरोप के पीछे है पुख्ता वजह..

चंडीगढ़: लगी को आग कहते हैं, बुझी को राख। एक बार आग लग गई तो लग गई। धुआं तो उठता ही रहेगा। दिल्ली के सभी बोर्डर घेर के हजारों की संख्या में पिछले 56 दिन से बैठे किसान भले ही सर्द भरी ठिठुरती रातों के गुजरने और नयी ​सुबह होने का एक-एक दिन इंतजार कर …

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तीनों कृषि कानून असंवैधानिक, आग से खेल रही सरकार: पी साईनाथ

पटना: केंद्र सरकार द्वारा पारित तीन कृषि कानून को लेकर कृषि विशेषज्ञ व मैग्सेसे पुरस्कार विजेता पी. साईनाथ लगातार देश के अलग-अलग हिस्सों में घूम-घूम कर संवाद कर रहे हैं। कभी वे धरना स्थल पर किसानों के मध्य मंच से संवाद कर रहे होते हैं तो कभी अलग-अलग हिस्सों में घूमकर। शनिवार को पी साईनाथ …

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रिश्तों में गांठ लिए किसान संगठनों और सरकार के बीच खुले मन से वार्ता..नतीजा ढ़ाक के ​तीन पात…

नयी दिल्ली: विज्ञान भवन में आज फिर लंगर की थाल सजी, लेकिन पिछली वार्ता की तरह लंच ब्रेक के दौरान किसान नेताओं के साथ लंगर में केन्द्रीय मंत्री नहीं दिखे। फिर एक नयी ​तारीख तय हुई और वो तारीख है 19 तारीख। किसानों और सरकार के बीच वार्ता के लिहाज से ये दो बातें ही …

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हाय—हाय मोदी..मर जा…..,मनाइ गई लोहरी,जली कृषि बिल की कॉपियां,सुशील मोदी… प्रति आंदोलनकारी 10 हजार रूपये का खालिस्तानी फंड,क्यों चुप है राहुल गांधी

नयी दिल्ली/पटना: कहते हैं कि रोम जल रहा था नीरो बांसुरी बजा रहा था लेकिन यहां देश जगा रहा है,सरकार भी जग रही,सर्वोच्च अदालत भी जगी हुई है और जगा हुआ इन सर्द रातों में दिल्ली के विभिन्न बोर्डरों पर देश का अन्नदाता। जलाई जा रही है कृषि बिल की कॉपियां जिसके वापसी की मांग …

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धान खरीदगी में सरकारी गड़बड़झाला..किसान बिचौलिये के चंगुल में फसने को मजबूर

पटना: बिहार में धान की सरकारी खरीद की निगरानी मुख्यमंत्री स्तर से होने की घोषणाओं के बीच भ्रम का माहौल है। एकबार 31 मार्च तक 30 लाख टन धान की सरकारी खरीद होने का लक्ष्य निर्धारित किया गया, लेकिन एकाएक लक्ष्य बढ़ाकर 45 लाख टन कर दिया गया और तारीख घटाकर 31 जनवरी निर्धारित कर …

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