Chhath Festivals: छठ पूजा का सनातन धर्म में बड़ा ही धार्मिक महत्व है। इस पर्व पर व्रती भगवान सूर्य और छठ माता से प्रार्थना करते हैं और उनके आशीर्वाद की कामना करते हैं। साथ ही लोग सूर्य के प्रति अपना सम्मान और आभार भी व्यक्त करते हैं। क्योंकि वो सभी जीवित प्राणियों को प्रकाश, सकारात्मकता और जीवन प्रदान करते हैं।
छठ मैया की मान्यता
छठ पूजा मुख्य रूप कार्तिक शुक्ल षष्ठी तिथि को मनाते हैं लेकिन इसके अलावा चैत्र शुक्ल षष्ठी तिथि का छठ पर्व जिसे चैती छठ कहते हैं यह भी काफी प्रचलित है। इस तरह दो छठ व्रत विशेष रूप से महत्व है। दोनों ही छठ पर्व भगवान सूर्य को और षष्ठी माता को समर्पित है। इसलिए छठ पर्व में भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है और छठ मैया की पूजा कथा की जाती है।
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छठ पर्व दिनों का खास महत्व
छठ पर्व मुख्य रूप से षष्ठी तिथि को किया जाता है। लेकिन इसका आरंभ नहाय खाय से हो जाता है यानी छठ पूजा शुरुआत में पहले दिन व्रती नदियों में स्नान करके भात,कद्दू की सब्जी और सरसों का साग एक समय खाती है। दूसरे दिन खरना किया जाता है जिसमें शाम के समय व्रती गुड़ की खीर बनाकर छठ मैय्या को भोग लगाती हैं और पूरा परिवार इस प्रसाद को खाता है। तीसरे दिन छठ का पर्व मनाया जाता है जिसमें अस्त होते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है और चौथे दिन सप्तमी तिथि को उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर छठ पर्व को समापन किया जाता है।
छठ घाटों की साफ सफाई
आस्था का पर्व छठ पूजा में घाटों पर व्रतियों को इस बार किसी भी प्रकार की कोई परेशानी न हो इसके लिए छठ घाट की सफाई से लेकर रोशनी की पुख्ता व्यवस्था की जा रही है। सफाई कर्मी नगर निगम के सभी छोटे-बड़े नदी व तालाबों की सफाई में लगे हुए है। और सुरक्षा, लाइटिंग, खतरे के निशान पर बैरिकेडिंग के लिए आदेश जारी किया गया है ताकि छठ व्रतियों और श्रद्धालुओं को किसी तरह की कोई परेशानी नहीं हो। सभी छठ घाटों के बेहतर तरीके से इंतजाम को लेकर कर्मियों को आवश्यक दिशा- निर्देश भी दिया गया है।
विभिन्न घाटों तक जाने वाली सड़क व घाट में जमा कूड़ा कचरा का उठाव भी युद्ध स्तर पर हो रहा है। नगर निगम छठ पूजा की तैयारी में हर संसाधन का इस्तेमाल कर रहा है। शहर के नदी व तालाबों से जलकुंभी और कचरे को सफाई कर्मियों द्वारा निकालने का कार्य जारी है। जिस तालाब में पानी की कमी है उसमें पानी की व्यवस्था की जा रही है। छठ घाटों की साफ-सफाई के बाद चुना व ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया जाएगा। जबकि घाटों पर छठ व्रतियों के लिए कपड़ा चेंजिंग रूम बनेंगे।

