अभियान शुरू, क्लासिकल स्वाइन फीवर से बचाव के लिए सूअरों को लगेगें टीके

0
82

पूजा

 

Patna: बिहार में सूअर पालन करने वाले किसानों के लिए एक बड़ी खुशखबरी राज्य सरकार ने सूअरों को बीमारी से बचाने के लिए विशेष टीकाकरण अभियान शुरू किया है। जिसमें सूअरों को क्लासिकल स्वाइन फीवर जैसी घातक बीमारी से बचाने के लिए पशुपालन विभाग द्वारा निःशुल्क टीकाकरण की सुवि‍धा दी जाएगी। इस अभियान के तहत राज्य के सभी 38 जिलों में एक साथ टीकाकरण अभियान शुरू किया जा रहा है। पशुपालन विभाग के निदेशक ने सूअर पालकों से निवेदन करते हुए कहा कि दस दिनों तक चलने वाले विशेष टीकाकरण अभियान का लाभ उठाकर सूअरों को सुरक्षित करें।

 

 

टीकाकरण करने का उद्देश्य
पशुपालन विभाग के निदेशक ने कहा कि इस अभियान के तहत राज्य के सभी जिलों के सभी पंचायत के वार्ड स्तर पर 10 दिनों के भीतर कुल 2,32,160 सूअरों को निःशुल्क टीका लगाया जाएगा। इस अभियान के तहत केवल 3 महीने से अधिक उम्र के सूअरों को ही टीका लगाया जाने का उद्देश्य निर्धारित किया गया है। इसके साथ टीकाकरण प्रतिदिन सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक चलेगा। इसके अलावा केंद्र सरकार के पशुधन स्वास्थ्य और रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत इस बीमारी की रोकथाम के लिए विशेष टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य है कि वर्ष 2030 तक क्लासिकल स्वाइन फीवर को पूरी तरह खत्‍म किया जा सके।

निदेशालय ने कहा है कि पशुपालकों को किसी भी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए जरूरी दिशा-निर्देश सभी जिलों के पशुपालन अधिकारियों को जारी किए गए हैं। अगर किसी पशुपालक को टीकाकरण से जुड़ी कोई समस्या आती है। तो पशुपालन निदेशालय, बिहार, पटना के टेलीफोन नंबर 0612-2230942 पर की जा सकती है। विशेष जानकारी के लिए पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान, बिहार, पटना के नियंत्रण कक्ष के टेलीफोन नंबर 0612-2226049 पर संपर्क कर सकते हैं। वहां उनकी समस्याओं को सुनने के साथ ही तुंरत हल करने का प्रयास किया जाएगा।

 

ये भी पढ़े…

 

लाख की खेती से लाखों कमा रहे किसान, जानें कैसे

 

क्या है क्लासिकल स्वाइन फीवर
क्लासिकल स्वाइन फीवर मुख्य रूप से सूअरों और जंगली सूअरों को प्रभावित करने वाली बीमारी है। यह मनुष्यों के लिए हानिकारक नहीं है, लेकिन यह बीमारी सूअरों के लिए गंभीर हो सकती है। उनमें उच्च मृत्यु दर का कारण बन सकती है। यह बीमारी अन्य पालतू जानवरों को भी प्रभावित नहीं करती है। यह बीमारी वायरस की वजह से होती है। और इसके पीड़ित सूअरों में मृत्यु दर काफी अधिक है। इसे रोकने के लिए केंद्र सरकार के स्तर से प्रायोजित पशुधन स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अतंर्गत सूअरों का टीकाकरण कार्यक्रम चलाया जा रहा है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here