केंद सरकार ने देश के किसानों, ग्रामवासियों के लिए बजट में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की है इसे देखते हुए कहा जा सकता है कि सरकार किसान,गांव और गरीब को तवज्जो देकर भारत निर्माण की दिशा में बढ रही है।

अरुण जेटली की बजट में गांवों के लिए क्या?
– 2.87 लाख करोड़ रुपए ग्रामीण पंचायतों को दिए जाएंगे। उनके अधिकार भी बढ़ाए जाएंगे।
2.87 लाख करोड़ रूपए ग्रामीण विकास के लिए आवंटित , प्रति पंचायत 80 लाख रुपये सहायता
– हम ग्रामीणो की आय को 5 साल में दो गुना करेंगे – एक मई 2018 तक देश के हर गांव में बिजली पहुंचा दी जाएगी।
– ग्रामीण भारत के लिए नई डिजिटल साक्षरता स्कीम। इसे डिजिटल इंडिया के अंतर्गत ही लाया जाएगा।
-15000 बहु कौशल प्रशिक्षण संस्थान बनेंगे।
-अगले तीन वर्ष में एक करोड़ युवाओं को कुशल बनाया जाएगा
-स्किल इंडिया मिशन के लिए 1700 करोड़ रुपये की राशि
16.8 करोड़ ग्रामीण परिवारों के पास कंप्यूटर नहीं, इनमें डिजिटल साक्षरता बढ़ाने के लिए स्कीम चलाई जाएगी।
– हाई एजुकेशन के विकास के लिए एक हजार करोड़ रुपए। 15 हजार बहु कौशल (मल्टी स्किल-हेफा) सेंटर खेलों जाएंगे।
-अगले दो वर्ष में 62 नवोदय विद्यालय खोले जाएंगे
– राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान शुरू किया जाएगा, 655 करोड़ रुपये आवंटित
–23 फरवरी 2016 तक 5542 गांवों का विद्युतीकरण किया जा चुका है। 1 मई 2018 तक हर गांव में बिजली पहुंच जाएगी।
– गांवों में बिजली के लिए 8500 करोड़ रुपए रखे जाएंगे। – मनरेगा के लिए 38 हजार 500 करोड़ रुपए अलॉट किए गए हैं। जो अब तक का सबसे बड़ा फंड है।
– मनरेगा के तहत हम पांच लाख नए कुए बनाने जा रहे हैं। खासतौर पर सिंचाई के लिए।
– आधार प्लेटफॉर्म से जुड़े लोगों को बेहतर सुविधाएं देने की कोशिश की जा रही हैं।
– आधार कार्ड के लिए नया कानून बनाएंगे। हेल्थ, एजुकेशन पर फोकस करेंगे।
– बीपीएल फैमिलीज को कुकिंग गैस देने के लिए नई पॉलिसी लाई जा रही है।
– पीएम ग्राम सड़क योजना 19 हजार करोड़ रुपए अलॉट किए गए हैं।
– दो हजार करोड़ रुपए बीपीएल परिवारों को गैस कनेक्शन के लिए। – महिलाओं के नाम से दिए जाएंगे एलपीजी कनेक्शन। 75 लाख लोगों ने गैस सब्सिडी छोड़ी है। – हेल्थ के लिए नई स्कीम। गरीबों को एक लाख रुपए का स्वास्थ्य बीमा।
– सभी जिला हॉस्पिटल में राष्ट्रीय डायलिसिस सेवा शुरू करेगी सरकार।
