पंचायत खबर डेस्क
बिहार में पंचायत चुनाव के परीसिमन और रोस्टर को लेकर उहापोह के बीच राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव की तिथियों की घोषणा कर दी है। राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव को लेकर चिह्न्ति किए गए मतदान केंद्रों के अनुमोदन के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम में फेरबदल किया है। पंचायत चुनाव 24 अप्रैल से 30 मई के बीच आयोजित किये जाएंगे। मतों की गणना चुनाव के तीन दिन के बाद कर ली जाएगी। इस बाबत राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव दुर्गेश नंदन ने चुनाव तिथियों की घोषणा की है। पंचायत चुनाव 10 चरणों में आयोजित किये जाएंगे।
चुनाव आयोग की तरफ से अधिसूचना 2 मार्च को जारी होगी। अधिसूचना के साथ ही प्रथम चरण के नामांकन की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। अंतिम अर्थात 10 वां चरण का नामांकन सात अप्रैल को समाप्त होगा। 24 से 30 अप्रैल तक होने वाले चुनाव में परिणाम तीन दिन बाद घोषित किए केंद्रोंजाएंगे। आयोग के सचिव दुर्गेश नंदन ने सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारी (पंचायत) को मतदान की स्थापना से संबंधित निर्देश देते हुए कहा कि नए कार्यक्रम के अनुसार अनुमोदन की कार्रवाई की जाएगी।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 27 जनवरी से पांच फरवरी तक मतदान केंद्रों की सूची का प्रारूप प्रकाशन एवं दावा एवं आपत्तियों को प्राप्त करना था। आठ फरवरी तक आपत्तियों को दूर कर आयोग का अनुमोदन प्राप्त किया जाना था। लेकिन वर्तमान में पंचायत निर्वाचन क्षेत्रों के आरक्षण जांच का कार्य जारी रहने के कारण इस कार्यक्रम में फेरबदल करना पड़ा है। आयोग के सचिव के निर्देशानुसार आयोग द्वारा अनुमोदित मतदान केंद्रों की सूची का 29 फरवरी को अंतिम प्रकाशन होगा। एक मार्च तक मुद्रण कार्य संपन्न करा लिया जाएगा।
मतदान केंद्रों के अनुमोदन की संशोधित तिथि
16 फरवरी: शिवहर, अरवल, दरभंगा एवं खगडिया
17 फरवरी: लखीसराय, बेगूसराय, जमुई एवं शेखपुरा
18 फरवरी: गोपालगंज, मुंगेर, नवादा एवं बांका
19 फरवरी: भागलपुर, सुपौल, औरंगाबाद, जहानाबाद
20 फरवरी: अररिया, गया एवं मधुबनी
21 फरवरी: कटिहार, कैमूर, बक्सर एवं भोजपुर
22 फरवरी: पूर्वी चंपारण, रोहतास एवं मधेपुरा
23 फरवरी: नालंदा, सीतामढ़ी, सहरसा
24 फरवरी: पूर्णिया, किशनगंज, मुजफ्फरपुर
25 फरवरी: समस्तीपुर, वैशाली व सारण
26 फरवरी: पटना, प. चंपारण व सीवान

