अक्षत सरोत्री
शिमला: मोदी कैबिनेट ने हिमाचल प्रदेश के लिए एकमुश्त 92300 मकान गरीबों के बनाए जाने को स्वीकृति दे दी है। इसे लेकर हिमाचल भाजपा अध्यक्ष राजीव बिन्दल ने केन्द्र की मोदी सरकार का धन्यवाद व्यक्त किया है।
उन्होनें कहा कि मोदी सरकार ने हिमाचल प्रदेश के लिए एकमुश्त 92300 मकान देकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इससे पूर्व मोदी सरकार द्वारा 17500 मकान दिए गए थे। बिन्दल ने कहा की हिमाचल प्रदेश से केन्द्र सरकार को जो सूची भेजी गई है उसकी शत-प्रतिशत स्वीकृति केन्द्रीय कैबिनेट ने कर दी है। यानि हिमाचल प्रदेश के 92 हजार गरीबों को पक्के मकान मुहैया करवाने का एक बहुत बड़ा फैसला आदरणीय मोदी ने किया है।
भारत सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत वित्त वर्ष 2024-25 में प्रदेश के लिए एक साथ 92,364 घर मंजूर कर दिए हैं। 31 मार्च, 2024 तक मिले 17188 घर भी इसका हिस्सा होंगे। यह मंजूरी इसलिए मिली है, क्योंकि भारत सरकार ने फैसला लिया था कि जहां भी पात्रता लिस्ट एक लाख घरों से कम है, उन्हें ये घर एक साथ दे दिए जाएं।
भारत सरकार ‘हाउसिंग फॉर ऑल’ के लक्ष्य के साथ इस योजना को विस्तार दे रही है। इस बारे में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के डिप्टी डायरेक्टर जनरल गया प्रसाद की ओर से हिमाचल सरकार के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के सचिव को अप्रूवल लेटर भेजा गया है।
तीन सितंबर, 2024 को जारी किए गए इस पत्र के अनुसार अब हिमाचल में गरीब परिवारों को 92,364 घर मिल सकेंगे। इतना बड़ा आबंटन इससे पहले हिमाचल को कभी नहीं हुआ था।
केंद्रीय मंत्रालय की सूची के अनुसार देश के छोटे राज्यों में से हिमाचल प्रदेश को सबसे अधिक 92,364 घर दिए गए हैं। अब तक हिमाचल प्रदेश में किए गए सर्वे के तहत 17,188 घरों के लिए राशि जारी की गई है। इनमें अधिकतर घरों का निर्माण हो चुका है और कुछ घरों का निर्माण चल रहा है।
प्रदेश में किए गए सर्वे के अनुसार हिमाचल प्रदेश को घरों का अब पूरा आबंटन हो गया है। इन कुल 92,364 घरों में से 60 फीसदी घर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के लोगों को देना जरूरी होगा। घरों की आबंटन के लिए चयन 15 जुलाई, 2021 को मंत्रालय द्वारा जारी यूजर मैन्युअल के आधार पर करने को कहा गया है। हिमाचल के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग ने अब इसकी तैयारी शुरू कर दी है।
