
Lemongrass Farming: बिहार की बंजर जमीन अब सोना उगलेगी, क्योंकि बिहार में अब लेमन ग्रास लगाने की योजना बनायी गई है। जहां अभी जमीन से कुछ भी पैदा नहीं हो रहा है। वहां बड़े पैमाने पर लेमन ग्रास लगाने की तैयारी है। कृषि विभाग ने इस दिशा में बड़ी पहल की है। जल्द ही परती व बंजर जमीन पर इसकी व्यापक खेती कराई जाएगी, विभाग इसके लिए कृषि वैज्ञानिकों की मदद भी लेगा।
बिहार सरकार कृषि विभाग के मुताबिक, इस समय सूबे में बड़ी मात्रा में बंजर, ऊसर और गैर कृषि वाली जमीन है। यहां फिलहाल कुछ नहीं हो रहा है। वर्षों से ये जमीन ऐसी ही पड़ी हुई है। कृषि विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, बिहार में 4.32 लाख हेक्टेयर क्षेत्र ऊसर और गैर-कृषि वाली जमीन के रूप में चिह्नित की गई है। जहां कोई फसल नहीं होती। विभाग में उच्च स्तर पर इसके उपयोग को लेकर कई बार मंथन किया गया।
कृषि वैज्ञानिकों को भी इसके लिए बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। उनके सहयोग से तैयार कार्य योजना के आधार पर पिछले दिन प्रायोगिक तौर पर यहां लेमन ग्रास लगाया गया, जो सफल रहा। इसके बाद विभाग ने इसके लिए विशेष योजना तैयार की है।
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लेमन ग्रास का उपयोग
इसकी पत्तियों और तेल का उपयोग दवा बनाने के लिए किया जाता है। लेमन ग्रास का उपयोग पाचन तंत्र ठीक करने, पेट दर्द, उच्च रक्तचाप, ऐंठन, दर्द, उल्टी, खांसी, जोड़ों के दर्द (गठिया), बुखार, सामान्य सर्दी और थकावर के इलाज के लिए किया जाता है।
2000 रुपये किलो बिकता है लेमन ग्रास का तेल
लेमन ग्रास काफी मूल्यवान है, इसकी कई प्रजातियां हैं। इनमें कुछ तो बहुमूल्य मानी जाती है। बाजार में भी उनकी काफी मांग है। बीते दिनों अंतर्राष्ट्रीय बाजार में भी इसकी मांग बढ़ी है। पेय पदार्थ के रूप में भी इसकी मांग काफी बढ़ी है। यही नहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में लेमन ग्रास तेल की कीमत 2,000 रुपये प्रति किलो तक है, कहीं-कहीं इससे अधिक भी है।


