
- दुनिया के सबसे लंबे जलमार्ग पर चलने वाले गंगा विलास क्रूज यात्रा को वाराणसी से 13 जनवरी को वर्चुअल हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे प्रधानमंत्री
- 51 दिनों तक एडवेंचरस सफर पर निकलने वाला गंगा विलास क्रूज 15 दिनों तक बांग्लादेश से गुजरेगा
वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी को जल्द ही एक तोहफा मिलने वाला है और यह तोहफा होगा दुनिया के सबसे लंबे जलमार्ग पर चलने वाला गंगा विलास क्रूज का। बड़ी बात यह है कि इस क्रूज को खुद प्रधानमंत्री 13 जनवरी को वर्चुअल हरी झंडी दिखाएंगे। हरी झंडी मिलते ही गंगा विलास क्रूज वाराणसी से डिब्रूगढ़ के लिए रवाना हो जाएगा।

पूरी है तैयारी अब प्रधानमंत्री की बारी
कोलकाता से 22 दिसंबर को रवाना हुई गंगा विलास लग्जरी क्रूज वाराणसी पहुंच गया है। मौसम खराब होने की वजह से यह 3 दिन देर से काशी पहुंचा। क्रूज रामनगर बंदरगाह से वाराणसी के संत रविदास घाट पर पहुंचेगा। यहां पर उसका भव्य स्वागत होगा।
भारत और बांग्लादेश का एडवेंचरस सफर
51 दिनों तक एडवेंचरस सफर पर निकलने वाला यह क्रूज 15 दिनों तक बांग्लादेश से गुजरेगा। इसके बाद असम के बह्मपुत्र नदी से डिब्रूगढ़ तक जाएगा। यह क्रूज यूपी, बिहार, पश्चिम बंगाल, बांग्लादेश और असम के कुल 27 रिवर सिस्टम से गुजरेगा। इसमें रास्ते में मुख्य तीन नदियां गंगा, मेघना और ब्रह्मपुत्र नदिया पड़ेंगी। क्रूज बंगाल में गंगा की सहायक और दूसरे नामों से प्रचलित भागीरथी, हुगली, बिद्यावती, मालटा, सुंदरवन रिवर सिस्टम, वहीं बांग्लादेश में मेघना, पद्मा, जमुना और फिर भारत में ब्रह्मपुत्र से आसाम में प्रवेश करेगा। भारत-बांग्लादेश प्रोटोकॉल की वजह से यह यात्रा बांग्लादेश को क्रॉस करेगी। क्रूज यात्री 15 दिनों तक बांग्लादेश में पर्यटन करेंगे।
टेंट सिटी तैयार…पर्यटकों का इंतजार
13 तारीख को गंगा घाटों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन होगा। साथ टेंट सिटी की शुरुआत भी पर्यटकों के लिए हो जाएगी। मंगलायुक्त कौशल राज शर्मा के साथ अधिकारियों की टीम कार्यक्रम को अंतिम रूप प्रदान कर रहे हैं।


