सूबे की सरकार ने इस वर्ष खरीफ के मौसम से नई फसल बीमा योजना के रूप में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना लागू करने का निर्णय लिया है। यह योजना एक साथ पूरे प्रदेश में लागू की जाएगी।
इस संबंध में इलाहाबाद के उपसंभागीय कृषि प्रसार अधिकारी सतेन्द्र कुमार ने पंचायत खबर को बताया कि केन्द्र सरकार से जारी प्रावधानो के अनुसार राज्य सरकार ने प्रदेश के 65 जिलो में संचालित संशोधित राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना तथा 10 जिलो में संचालित मौसम आधारित फसल बीमा योजना के स्थान पर प्रदेश के सभी जिलो में इस साल खरीफ की फसल से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू करने का निर्णय लिया है।इसके साथ ही शासन द्वारा पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना का संचालन औद्यानिक फसलों में केला के लिए फतेहपुर एवं फिरोजाबाद जिलों में लागू किये जाने का निर्णय लिया गया है।

उन्होने आगे बताया कि प्राकृतिक आपदा,रोगो,कीटो से फसल नष्ट होने, फसल की बुवाई न कर पाने तथा फसल की कटाइ के उपरान्त खेत में फसल नष्ट होने की स्थित में कृषको को बीमा कवर के रूप में वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। केन्द्र सरकार की ओर से नामित बीमा कंपनियो अथवा प्रदेश स्तर पर गठित बीमा कम्पनी की ओर से क्षति का आंकलन निर्धारित मापदण्डो के अनुरूप किया जाएगा। बीमित किसानो को देय क्षतिपूर्ति का भुगतान बीमा अवधि की समाप्ति के 45 दिनो के अंदर बीमा कंपनी की ओर से किया जाएगा।
कब मिलेगा लाभ – किसानो को आगाह करते हुए उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी सतेन्द्र कुमार कहते है कि नई फसल बीमा योजना का लाभ तभी मिलेगा जब किसान सही समय पर फसलो को बीमित कराएगा, इसके लिए उन्होने बताया कि खरीफ हेतु निर्धारित अवधि 1 अप्रैल से 31 जुलाई तक है, वही रबी हेतु यह अवधि 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर तक है।

