- झारखंड सरकार गरीबों को अबुआ आवास योजना के तहत बेघरों को अपना घर देने में जुटी हुई है।
- हेमंत सरकार की योजना है कि 2024 तक करीब 2 लाख मकान गरीबों को उपलब्ध कराएगी। इस योजना की शुरूआत झारखंड सरकार ने झारखंड स्थापना दिवस यानी 15 नवंबर को किया था।
रांची: झारखंड सरकार द्वारा आपकी योजना, आपकी सरकार, आपके द्वार अभियान के तहत अबुआ आवास योजना के आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 26 दिसंबर को समाप्त हो गई है। बीते सप्ताह तक जिला भर में डेढ़ लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए और प्राप्त आवेदनों को पोर्टल में अपलोड करने की आखिरी तिथि 28 दिसंबर जो आज समाप्त हो गई। विभाग द्वारा तय किये गये कार्यक्रम के मुताबिक आवेदनों का सत्यापन 31 दिसंबर तक करना है। साथ ही लाभुकों के चयन को अंतिम रूप देने के लिए चार जनवरी तक विशेष ग्रामसभा कराने का निर्देश दिया गया है। बताया गया कि ग्रामसभा से पारित सूची का प्रकाशन 28 दिसंबर से आठ जनवरी तक होगा. प्राप्त आपत्ति और त्रुटि का निराकरण पांच से 18 जनवरी तक किया जायेगा लाभुकों को प्रथम किस्त की राशि 24 से 31 जनवरी के बीच दी जायेगीं इधर आवेदनों की जांच के लिए प्रखंडवार जांच दल का गठन किया जा चुका है। साथ ही विभाग द्वारा इसके लिए तिथि भी नियत कर दी गई है।
कैसा होगा अबुआ आवास
हेमंत सरकार ने झारखंड के ग्रामीण बेघरों के लिए अबुआ आवास योजना की शुरुआत की है। इसके माध्यम से गरीबों को तीन कमरों का मकान दिया जा रहा है। अबुआ आवास योजना के अंतर्गत तीन कमरों का पक्का मकान, रसोई और शौचालय बनाया जाएगा. इसका क्षेत्रफल लगभग 31 वर्गमीटर होगा. योजना अंतर्गत तीन कमरों सहित स्वच्छ रसोई घर और शौचालय का प्रावधान किया गया है।
अबुआ आवास पर बड़ी राशि खर्च कर रही है हेमंत सरकार
अबुआ आवास के संबंध में प्रदेश के मुखिया हेमंत सोरेन ने कहा है कि केंद्र सरकार द्वारा राज्य के गरीबों को दिए जाने वाले आठ लाख से अधिक आवास की स्वीकृति नहीं मिलने के बाद राज्य संपोषित अबुआ आवास योजना को स्वीकृति प्रदान की गई। योजना के तहत आवास विहीन गरीब लोगों के लिए आठ लाख पक्का आवास के निर्माण का लक्ष्य तय किया गया है। इसके तहत प्रथम चरण वित्तीय वर्ष 2023-24 में दो लाख, वर्ष 2024-25 में तीन लाख 50 हजार एवं वर्ष 2025-26 में दो लाख 50 हजार पक्का आवास का निर्माण किया जाएगा। इस पर 16 हजार 320 करोड़ रुपए की लागत आएगी।
प्रधानमंत्री आवास से बड़ा होगा अबुआ आवास
मालूम हो कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत दो कमरे का मकान मिलता है। इसी दो कमरे में पूरा परिवार रहता है, लेकिन झारखंड सरकार द्वारा लॉन्च की गई अबुआ आवास योजना के तहत मिलने वाला घर पीएम आवास से बड़ा होगा। पीएम आवास की लागत आइएपी जिलों के लिए 1.30 लाख रुपये और नन आइएपी जिलों के लिए 1.20 लाख रुपये है। इतनी ही राशि केंद्र सरकार से मिलती है। इसके अलावा मनरेगा के कन्वर्जेंस से शौचालय निर्माण की भी योजना है।
अलग-अलग पंचायतों में चल रही हैं बैठकें
झारखंड के चाईबासा जिले के टोन्टो प्रखंड के टोन्टो पंचायत के चार गांव को कुदामसदा, लिसी मोती टोन्टो तथा बांदा बेड़ा को प्रधानमंत्री आदि आदर्श ग्राम योजना में चयनित किया गया है। इसको लेकर पंचायत के मुखिया दीपिका लागुरी ने पंचायत के अन्य जनप्रतिनिधियों गांव के मुंडा और ग्रामीणों के साथ संयुक्त बैठक की। इस बैठक में बुलाई गई ग्राम सभा में अबुआ आवास योजना के बारे में भी विचार विमर्श किया और इस बात पर भी जोड़ दिया गया कि एक परिवार में एक से अधिक आवेदन स्वीकार नहीं होगा। पूर्व में जिन्हें आवास मिल गया है उनका आवेदन स्वीकार नहीं होगा। जिनके पास चार पहिया, तीन पहिया वाहन, फ्रीज, ढाई एकड़ से ज्यादा जमीन है इन सभी आबूआ आवास योजना नहीं मिलेगा। सभी को आवास योजना सूची जारी करते हुए जानकारी साझा की।
इसी तरह की बैठकें अन्य गांव पंचायतों में भी हो रही हैं जिससे अबुआ आवास योजना के दायरे में अधिक से अधिक लाभुकों को लाया जा सके।
उल्लेखनीय है कि झारखंड सरकार गरीबों को अबुआ आवास योजना के तहत बेघरों को अपना घर देने में जुटी हुई है। हेमंत सरकार की योजना है कि 2024 तक करीब 2 लाख मकान गरीबों को उपलब्ध कराएगी। इस योजना की शुरूआत झारखंड सरकार ने झारखंड स्थापना दिवस यानी 15 नवंबर को किया था।


