आप का किसान सम्मेलन,केजरीवाल बोले..उद्योगपतियों को राहत.. किसानों पर गोलीबारी

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 संतोष कुमार सिंह

  • किसानों के अधिकारों को लेकर आम आदमी पार्टी लड़ेगी देशव्यापी लड़ाई, 26 नम्बर को दिल्ली में होगी विशाल किसान रैली

 नयी दिल्ली: देश में बढ़ते किसान आंदोलन के मद्देनजर आम आदमी पार्टी भी किसानों को अपने पाले में लाने की कवायद शुरू कर दी है। इसी क्रम में आज आप द्वारा कॉस्टीट्यूशन क्लब में राष्ट्रीय किसान सम्मेलन का आयोजन किया। देश के अलग—अलग राज्यों से आये किसान प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने  कहा कि ‘देश के किसानों के साथ धोख़ा किया गया है, पहले की कांग्रेस सरकारों ने देश की इस 80 प्रतिशत आबादी को कुछ नहीं दिया उसके बाद भाजपा ने किसानों से वादा किया कि भाजपा सरकार आएगी तो स्वामीनाथन रिपोर्ट को लागू किया जाएगा और किसानों को उनकी लागत में 50 फ़ीसदी मुनाफ़ा जोड़ कर समर्थन मूल्य दिया जाएगा। आज देश में भाजपा सरकार को बने तीन साल हो गए हैं लेकिन आज जब किसान अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरता है तो किसानों पर गोलीबारी कर दी जाती है जिससे कई किसानों की मौत हो जाती है। ऐसी भी जानकारी है कि अब तो केंद्र सरकार ने कोर्ट में हलफ़नामा देकर यह कहा है कि स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू नहीं की जाएगी और यह बड़ा ही दुर्भाग्यपूर्ण है और किसानों के साथ अन्याय है।

कांग्रेस, बीजेपी ने किसानों को दिया धोखा

केजरीवाल ने कहा कि दोनो पार्टियों की सरकारों ने किसानों के साथ धोख़ा किया है और उनकी पीठ में छुरा घोपा है। देश के किसान पर अगर 1 लाख या 2 लाख का लोन होता है और वो फ़सल खराब होने के चलते लोन नहीं चुका पाता तो उसे सरकार परेशान करती हैं और किसान को आत्महत्या करनी पड़ती है लेकिन विजय माल्या जैसा उद्योगपति जिस पर 9 हज़ार करोड़ का लोन होता है तो सरकार उसे रात के अंधेरे में लंदन भगा देती है। कुछ उद्योगपतियों पर हज़ारों और लाखों करोड़ का कर्ज़ बकाया है लेकिन सरकार उन उद्योगपतियों को कुछ नहीं कहती है। अगर उन उद्योगपतियों से पैसा लेकर किसानों का लोन माफ़ कर दिया जाए तो देश का किसान तकलीफ़ से बाहर निकलेगा और आत्महत्या नहीं करेगा, लेकिन ऐसा देश की सरकार करती नहीं है। देश में ये दोहरा मापदंड मौजूदा सरकार और पहले की सरकारें अपनाती आई हैं।‘

किसानों से खरीद नहीं,विदेशों से आयात

केजरीवाल ने कहा कि,  ‘जब किसान के पास ज्यादा उपज होती है तो सरकार देश के किसानों से ख़रीद करने कि बजाए विदेशों से आयात करती है, देश के किसानों की फ़सल को सरकार को ख़रीदना चाहिए। गांव—देहात में गांवों के नज़दीक ही एग्रो बेस्ड इंड्स्ट्री खोली जाएं ताकि गांव के युवाओं को रोज़गार भी मिल सके और किसानों की फ़सल की खरीद भी वहीं हो सके। किसानों को उनकी फ़सल खराब होने पर उचित मुआवज़ा दिया जाए जिस प्रकार से दिल्ली सरकार ने अपने किसानों को 50 हज़ार रुपए प्रति हेक्टेयर का मुआवज़ा दिया है, दूसरी राज्य सरकारों को भी ऐसा करना चाहिए। किसान बीमा योजना का पैसा भी किसानों को मिलना चाहिए क्योंकि इसे लेकर जानकारी है कि किसानों को अभी तक सिर्फ़ 25 प्रतिशत पैसा ही मिला है और 75 प्रतिशत पैसा बीमा कम्पनियों के पास ही है। आम आदमी पार्टी ने फ़ैसला किया है कि वो किसान के अधिकारों को लेकर पूरे देश में लड़ाई लड़ेगी और किसानों को उनका हक़ दिलाने के लिए संघर्ष करेगी।

आप द्वारा आयोजित किसान सम्मेलन में  देश के 20 राज्यों के किसान प्रतिनिधि,किसान नेताओं ने भाग लिया। इस सम्मेलन में फ़ैसला लिया गया कि आम आदमी पार्टी किसानों की मांगों और उनके अधिकारों की लड़ाई को पूरे देश में लड़ेगी और इस आंदोलन को देश के कोने-कोने तक ले जाया जाएगा। किसानों की मांगों को लेकर सितम्बर-अक्टूबर-नवम्बर महीने के दौरान पार्टी पूरे देश में किसान अधिकार यात्रा का आयोजन करेगी और किसानों की मांगों को लेकर हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा जिसके बाद 26 नवम्बर को राजधानी दिल्ली में आम आदमी पार्टी एक बड़ी किसान रैली का आयोजन करेगी जिसमें देशभर के किसान हिस्सा लेंगे। अलग-अलग राज्यों में आम आदमी पार्टी जुलाई-अगस्त और सितम्बर महीने में आयोजित करेगी जिसमें राज्यों के किसानों के साथ उनकी समस्याओं को लेकर चर्चा की जाएगी।

ये प्रस्ताव हुए पारित

  • न्यूनतम समर्थन मूल्य को बढ़ाया जाए और वो फ़सल की लागत में 50 फ़ीसदी जोड़ कर निर्धारित किया जाए, स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू किया जाए
  • किसानों के लोन माफ़ किए जाएं
  • मध्यप्रदेश में किसानों पर गोलीबारी करने वाले दोषी अधिकारियों के ख़िलाफ़ मुकदमा दर्ज़ हो और उन्हें गिरफ़्तार किया जाए और मारे गए किसानों को शहीद का दर्ज़ा दिया जाए
  • किसानों की समस्याओं को लेकर देश की सरकार एक श्वेत पत्र जारी करे
  • किसानों की समस्याओं को लेकर संसद का विशेष सत्र बुलाया जाए और इसी तरह से राज्यों की विधानसभाएं भी विशेष सत्र आयोजित करें
  • दिल्ली की तर्ज़ पर पूरे देश में किसानों को उनकी फ़सल खराब होने पर 50 हज़ार रुपए प्रति हेक्टेयर का मुआवज़ा दिया जाए
  • देश के हर गांव को 2 करोड़ रुपए गांव के विकास के लिए दिए जाएं, दिल्ली सरकार ने हाल ही में ऐसी पहल की है
  • कृषि मंडियों की संख्या बढ़ाई जाएं
  • देश में कोल्ड स्टोरेज की संख्या भी बढ़ाई जाएं

 

 

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