अब बढ़गी डेयरी क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई जानी चाहिए’— राधा मोहन सिंह

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The Union Minister for Agriculture, Shri Radha Mohan Singh dedicating a portal at the Golden Jubilee Celebrations of National Dairy Development Board (NDDB), in Gujarat on November 08, 2014.

“केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने डेयरी क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी और ज्‍यादा बढ़ाने पर जोर दिया है, ताकि भारत इस क्षेत्र में विश्‍व की अगुवाई कर सके। गुजरात के आणंद में कल राष्‍ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के स्‍वर्ण जयंती समारोह को संबोधित करते हुए उन्‍होंने कहा कि सरकार इस क्षेत्र के विकास की राह में मौजूद तमाम बाधाओं एवं जड़ता को समाप्‍त करने में जुटी हुई है, ताकि गुजरात के विकास मॉडल को पूरे देश में और संजीदगी के साथ अपनाया जा सके।

राधा मोहन सिंह ने कहा कि भारत में उत्‍पादित दूध का कुल मूल्‍य अब चावल/धान से अर्जित होने वाली कुल कीमत से भी ज्‍यादा हो गया है। उन्‍होंने कहा, ‘हम दुनिया में दूध के सबसे बड़े उत्‍पादक हैं और यहां तक कि स्किम्ड मिल्‍क पाउडर का निर्यात भी करते हैं। मुझे याद है, जब मैं स्‍कूल में पढ़ता था तो साठ के दशक में ब्रिटिश मिल्‍क पाउडर का सेवन करता था।’

कृषि मंत्री ने गाय की स्‍वदेशी नस्‍ल को संरक्षण के लिए सरकार द्वारा की गई पहल पर रोशनी डालते हुए कहा कि गाय की स्‍वदेशी नस्‍लें अब सभी तरह की गायों के तकरीबन 83 फीसदी के बराबर हैं। अगर उनकी उत्‍पादकता थोड़ी भी बढ़ जाती है तो कुल दूध उत्‍पादन हमारी उम्‍मीदों से भी कहीं ज्‍यादा ऊंचे स्‍तर को छू लेगा। स्‍वदेशी गायें जलवायु परिवर्तन को भी आसानी से झेल लेती हैं। सरकार इस नस्‍ल को बढ़ावा देने के लिए 500 करोड़ रुपए के ‘गोकुल मिशन’ पर काम कर रही है।

अर्थव्‍यवस्‍था में किसानों की अहमियत को रेखांकित करते हुए श्री राधा मोहन सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री स्‍वर्गीय लाल बहादुर शास्‍त्री का ध्‍यान इस ओर गया था और श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने इस पर काम को आगे बढ़़ाया था। यह हमारा सौभाग्य है कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने आम बजट में कृषि पर विशेष ध्यान दिया है। प्रधानमंत्री की ‘ग्राम सिंचाई योजना’ से समुचित सिंचाई सुनिश्चित होगी। इतिहास में पहली बार हमने मृदा सेहत कार्ड जारी किए हैं ताकि उर्वरकों का गैर वाजिब इस्तेमाल रुक सके। उन्होंने कहा कि हम तीन साल के अंदर सभी किसानों को इस तरह के कार्ड मुहैया कराने के प्रति कटिबद्ध हैं।

राधा मोहन सिंह ने कहा कि बैंकों का राष्ट्रीयकरण बहुत पहले किया गया था, लेकिन गरीबों को इन संस्थानों से सशक्तिकरण कभी भी नसीब नहीं हुआ। हमारे प्रधानमंत्री ने इस जरूरत को समझा और जन धन योजना का शुभारंभ किया जिसमें गरीबों के लिए अनेक लाभ हैं। अल्प अवधि में ही छह करोड़ से ज्यादा खाते खोले जा चुके हैं जिससे पता चलता है कि प्रणाली में किसी तरह की चूक नहीं है, लेकिन गवर्नेंस को लेकर लोगों के इरादे में भ्रम नजर आता है।

कृषि मंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी ने चंपारण से पहली बार सत्याग्रह का प्रयोग किया था, जो मेरा संसदीय क्षेत्र है। उनका अनुसरण करते हुए सरदार पटेल ने गुजरात की भूमि से सहकारिता आंदोलन शुरू किया था। मैं गुजरात, त्रिभुवनदास पटेल और डॉ. कुरियन को सलाम करता हूं, जिन्होंने देश में सहकारिता दुग्ध आंदोलन में अहम योगदान दिया है।”

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