राशन कार्ड धारकों के लिए झारखंड में बड़ा ऐलान…‘बिरसा हरित ग्राम’ योजना की हुई शुरूआत

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मीनाक्षी पाल

रांची: वैसे तो झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने ग्रामीणों के उत्थान और आय बढ़ाने के लिए कई योजनाएं लागू की है। इसी दिशा में अपना कदम बढ़ाते हुए प्रदेश सरकार ने विभिन्न विभागों के प्रधान सचिव के साथ बैठक के बाद राशन कार्ड धारकों के लिए बड़ा ऐलान किया, जिससे निश्चित रूप से ग्रामीणों की आमदनी बढ़ाने में मदद मिलेगी। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने ‘बिरसा हरित ग्राम’ योजना की शुरूआत की।


क्या है योजना
ग्रामीणों की आय बढ़ाने के लिए झारखंड सरकार ने राज्य के सभी राशन कार्ड धारकों और अन्य योजनाओं के लाभार्थियों को दो फलदायी पौधे देने का फैसला लिया है, ताकि ग्रामीणों की आय बढ़ सके। सरकार के इस कदम से पर्यावरण की रक्षा भी हो सकेगी। इसी के तहत मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों के प्रधान सचिव की उपस्थिति में जिलों के उपायुक्तों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की और उन्हें यह सुनिश्चित करने को कहा कि सभी राशन कार्ड धारकों और अन्य योजनाओं के लाभार्थियों को कम से कम दो फलदायी पौधे दिए जाये। इससे न केवल ग्रामीणों की आय बढ़ेगी बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक बड़ा कदम माना जा सकता है।

क्या कहते हैं मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा की ‘बिरसा हरित ग्राम’ योजना गांवों को हरा-भरा बनाने में कारगर साबित होगी । उन्होंने कहा कि इस योजना को वरिष्ठ नागरिकों और बुजुर्गों के कल्याण के लिए 9,538 ग्राम पंचायतों में क्रियान्वित किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों से रोजगार की तलाश में पलायन पर चिंता जताते हुए सोरेन ने कहा कि हर पंचायत में कम से कम पांच योजनाओं को संचालित किया जाए। इन योजनाओं को प्राथमिकता के साथ लागू किया जाए, ताकि मजूदरों को अपने गांव में ही रोजगार मिल सके।

विद्यालयों में हर महीने मनाया जाएगा ‘स्पोर्ट्स डे’
राज्य में 4,153 पंचायतों में मनरेगा के तहत रोजगार सृजित करने के लिए सरकार विभिन्न योजनाओं का संचालन कर रही है। वर्तमान वित्त वर्ष में सरकार ने जून तक 297 लाख मानव कार्यदिवस सृजन का लक्ष्य निर्धारित किया है जो लक्ष्य का लगभग 80 प्रतिशत है। खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री ने विद्यालयों में माह में एक दिन स्पोर्ट्स डे के रुप में मनाने का एलान किया है और इस दिन विभिन्न खेल गतिविधियों का आयोजन कराया जाए। उन्होंने दिव्यांग बच्चों के लिए भी इसी तरह की खेल योजना बनाने का निर्देश दिया।


35 हजार प्रज्ञा केंद्रों के निर्माण का आदेश
पंचायती राज विभाग की प्रगति की समीक्षा करते हुए सोरेन सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे प्रज्ञा केंद्रों की संख्या 20 हजार से बढ़ाकर 35 हजार करें और अगले तीन महिनों में सुनिश्चित करें कि इन केंद्रों में बिजली, पेयजल, जेनरेटर, इंटरनेट और सुरक्षा सहित सभी सुविधाएं उपलब्ध हो। गौरतलब है कि झारखंड में प्रज्ञा केंद्र ग्रामीण इलाकों में सार्वजनिक सेवाओं, सामाजिक कल्याण योजनाओं, स्वास्थय संबंधी योजनाओं, वित्तीय योजनाओं और शिक्षा एवं कृषि योजनाओं का लाभ दिलाने वाला एकमात्र बिंदू है।

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