आर के सिन्हा ने किया इशिता किशोर (ishita kishor) को सम्मानित, संगत-पंगत में पहुंची थी इशिता

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संतोष कुमार सिंह

नई दिल्ली: व्यक्ति परिवार से प्रेरित होता है और परिवार समाज से और समाज साथ हो राष्ट्र के योगदान में महत्ती भूमिका निभा पाता है। समाज से पाना लेकिन समाज को निस्वार्थ भाव से कुछ दे सके ताकि आगे भी समाज बेहतर हो, बेहतर राष्ट्र का निर्माण हो सके ऐसी प्रेरणा बहुत कम लोगों में होती है।                     …………. इशिता किशोर (ishita kishor)

लेकिन पूर्व सांसद आर के सिन्हा औरों से अलग है। पहले पत्रकार रहे, आगे चलकर व्यवसायी बने लेकिन व्यवसाय सिर्फ अपने लाभ के लिए ही नहीं होता बल्कि पे बैक टू सोसाईटी भी करना है क्योंकि उसी समाज ने हमें यहां तक पहुंचाया है और जब सारा समाज साथ आएगा तभी कारवां बन सकेगा इस भाव को हमेशा अपने साथ रखा। वैसे तो कई कई धार्मिक गतिविधियों में सिन्हा जी का योगदान रहा है लेकिन जिस तरह से संगत-पंगत के जरिए कायस्थ समाज को एक जुट करने और उस समा​ज से जुड़े प्रतिभाओं को साथ लाने का काम वे करते रहे हैं वो निश्चित रूप प्रशंसनीय है वंदनीय है। ……….. इशिता किशोर
“सॅंगत- पॅंगत” कायस्थों का सामाजिक अभियान की ओर से विगत 9 जून को ही दिल्ली के कंस्टीटूशन क्लब में सिविल सेवा सर्विस एग्जाम 2023 में सफल हुए कुल 8 सफल कायस्थ नवजवानों/नवयुवतियों का सम्मान किया गया था। जिनका चयन आईएएस, आईपीएस, आईएफ़एस में हुआ है। ………………… इशिता किशोर (ishita kishor)

उस दिन आईएएस टॉपर इशिता किशोर नहीं आ पाई थीं। लेकिन आज ओखला स्थित एसआईएस के कॉरपोरेट आॅफिस में आर के सिन्हा ने संगत पंगत के बैनर तले ही एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया और इस मौके पर सेवा सर्विस एग्जाम 2023 में प्रथम स्थान पर अपना नाम दर्ज करने वाली इशिता किशोर (ishita kishor)को सम्मानित किया गया।
हमेशा औरों को प्रेरित करने में आगे रहने वाले पूर्व सांसद आर के सिन्हा ने कहा कि सिविल सर्विस में सफल होकर अपने समाज का नाम रोशन कर रहे सभी होनहार बच्चों का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम संगत-पंगत के तहत समाज के हर तबके की मदद कर रहे हैं। अब तक हमने लगभग 10 करोड़ रूपये से लोगों को पढाई, इलाज, शादी, खेल इत्यादि में मदद की है। इसलिए सभी कायस्थ समाज के बीच एकजुट होकर आगे बढ़ कर अपने आस-पास के लोगों की मदद करनी चाहिए।

क्या कहा इशिता किशोर (ishita kishor) ने
वहीं इस बार संगत-पंगत की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में यूपीएससी में प्रथम रैंक लाने वाली इशिता किशोर को सम्मानित किया गया। इस दौरान सभी गणमान्य अतिथियों ने देश सेवा के लिए इशिता किशोर और उनके परिवार को भविष्य की ढ़ेरों शुभकामनायें दी। वहीं सम्मान से अभिभूत और समाज के बीच आईं इशिता किशोर (ishita kishor)  ने कहा कि मुझे सबसे ज्यादा प्रेरणा अपने नाना से मिली। जब मेरा 2 बार प्रीलिम्स नहीं निकल पाया तो मेरे मामा ने कहा कि इतनी जल्दी हिम्मत मत हरो और तीसरी बार में मुझे प्रथम स्थान मिला।

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित सेबी के पूर्व चेयरमैन यू. के. सिन्हा ने कहा कि इस बात पर कोई संशय नहीं है कि यह सभी नए चयनित कायस्थ कड़ी मेहनत, लगन और दृढ़निश्चय के बल पर इस मुकाम पर पहुंचे हैं। सिविल सर्विस का एकमात्र मकसद सेवा होना चाहिए न की शासन। समारोह में आगत अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन रत्ना सिन्हा द्वारा किया गया।                           ……………….. इशिता किशोर (ishita kishor)

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