अमितेश सिंह
दीपावली मनाएं, चलो दलिद्दर भगाएं
भीतर से भगाएं, बाहर से भगाएं
घर से भगाएं, दफ्तरसे भगाएं
गांव से भगाएं,टोले से भगाएं
मुहल्ले से भगाएं, शहर से भगाएं
यूपी से भगाएं, बिहार से भगाएं
प्रदेश से भगाएं, देश से भगाएं
माताएं आएं, बहने आएं
सूपा उठाएं, झाडू ले आएं
चलो दलिद्दर भगाएं, चलो दलिद्दर भगाएं
हमारी ओर दीपावली वाली रात की सुबह दलिद्दर खेदने का रिवाज है। सुबह होने से काफी पहले सूप बजाकर घर के हर कमरे से दलिद्दर भगाया जाता है।यह हम बच्चों के लिए बडा मनोरंजक होता था।शहर में आने के बाद भूल ही गए है।