झारखंड की बेटियां फिर हुई शिकार, गिरफतार हुए दिल्ली में दलाल

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अपराजिता संतोष
नयी दिल्ली : दिल्ली में तस्करी के लिए लड़कियों को लाये जाने का सिलसिला रूकने का नाम नहीं ले रहा। चाहे कोई भी सरकार हो, बेटी बचाने की घोषणा करे या बेटी पढ़ाने की झारखंड की नाबालिग बेटियां अक्सर दिल्ली, मुंबई जैसे महानगरों में उत्पीड़िन की शिकार होती है। यह काम पूरी तरह दलालों के जरिए संचालित होता है। ऐसे ही दो दलालों को आज दिल्ली पुलिस की क्राईम ब्रांच ने गिरफतार कर पूरे रैकेट का भंडाफोड़ किया है। ये हैं प्रभाकर सिंह और मोहम्मद इस्राफिल। इन्हें क्राईम ब्रांच द्वारा दिल्ली के शकरपुर ईलाके से गिरफतार किया गया है। ये रांची और हजारीबाग के रहने वाले हैं।

कैसे चलते थे तस्करी का कारोबार

जैसा कि अन्य मामलों में होता हैं रांची का प्रकाश अक्सर गुमला जिले में गांवो में गरीब परिवारों के लड़कियों की तलाश में जाता था। वह गरीब परिवार के बच्चियों को रोजगार का लालच देता थे, और उन्हें अच्छी आमदनी और दिल्ली में बेहतर जीवन का झांचा देकर दिल्ली लाते थे। प्रकाश दिल्ली लाकर इन लड़कियों को मोहम्मद इसराफिल को सौंप देता था। इसके बदले वह उससे 15 हजार रूपये वसूलता था। मोहम्मद इसराफिल आगे इन लड़कियों को 35 हजार रूपये पर नियोक्ता को बेच देता था। इसके साथ ही वह नियोक्ता से प्रत्येक माह भी वेतन घरेलू कामकाज के बदले वसूलता था. जबकि लड़की और उनके माता पिता को कुछ नहीं दिया जाता था। केवल सितंबर माह में प्रभाकर ने झारखंड से तीन नाबालिग बच्चियों को बहला फुसला कर दिल्ली लाया और इसराफिल को सौंप दिया।

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यूं हुआ खुलासा

पांच नवंबर को बाल कल्याण समीति गुमला, और एनजीओ शक्ति वाहिनी से से शकरपुर ईलाके से 15 वर्ष की नाबालिग लड़की को छुड़ाने की शिकायत दर्ज कराई गई। इस लड़की को विभिन्न धाराओं में मिसिंग बताया गयाडीसीपी राजीव शर्मा के नेतृत्व में एंटी मानव तस्करी ईकाई ने पुख्ता सूचना के आधार पर शकर पुर ईलाके में प्रकाश और मो इस्राफिल के गिरफतारी के लिए जांच दल भेजा। जांच दल की टीम में अन्य पलिस अधिकारियों के साथ ही लड़की के पिता,सीडब्लूसी के सदस्य और एनजीओ शक्तिवाहिनी शामिल हुई। डीसीपी राजीव शर्मा के नेतृत्व में एंटी मानव तस्करी ईकाई ने पुख्ता सूचना के आधार पर शकर पुर ईलाके में प्रकाश और मो इस्राफिल के गिरफतारी के लिए जांच दल भेजा। जांच दल की टीम में अन्य पलिस अधिकारियों के साथ ही लड़की के पिता,सीडब्लूसी के सदस्य और एनजीओ शक्तिवाहिनी शामिल हुई।

जांच के बाद पता चला कि शकरपुर ईलाके के मकान नंबर ई—104 के उपरी मंजिल में छापा मारने पर पता चला कि वहां ​दीपिका प्लेसमेंट एजेंसी के नाम से एजेंसी का दफतर है। वहीं प्रकाश और मोहम्मद इसराफिल भी मौजूद थे। जांच के बाद प्रभाकर और मोहम्मद इसराफिल ने यह स्वीकार किया कि वे इन नाबालिगों के अपहरण में शामिल थे। इनके खुलासे के आधार पर इन लड़कियों को शकरपुर,सूरजमहल विहार, और पश्चिम विहार से गिरफतार किया गया है। उन्होंने न सिर्फ गुनाह स्वीकार किया बल्कि वे पिछले 5 साल से ऐसे गैर कानूनी ग​तिविधियों में शामिल थे। दोषियों को क्राईम ब्रांच द्वारा कानून के विभिन्न धाराओं में गिरफतार किया गया है।

 

 

 

 

 

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