कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने देश के ‘प्रगतिशील’ किसानों से कृषि जीडीपी में योगदान करने और सरकारी अनुदानों के बिना लाभदायक खेती के नवीन उदाहरण पेश करने का आग्रह किया है।
हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट किया कि सरकार किसानों को सब्सिडी प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है और यह जारी रहेगा।
तोमर ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा निर्धारित 2022 तक किसानों की आय को दोगुनी करने का लक्ष्य केवल सरकार का ध्येय नहीं होना चाहिए, यह प्रत्येक किसान का लक्ष्य भी बने है।
“हम सरकार के समर्थन के बिना उत्पादन के वर्तमान स्तर तक नहीं पहुंच पाते। हालांकि, एक सोच है कि वैसी परिस्थिति में जब सरकार किसानों को मदद नहीं दे तो हम (किसान) कैसे खड़े होंगे। वैसे भी, सरकार किसानों का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है और आगे भी करती रहेगी।
तोमर ने कहा, “आप (प्रगतिशील किसान) को अपने खेत में बैठे हुए इस वास्तविकता पर विचार करना चाहिए और सरकार के बिना कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए कदम उठाने चाहिए। कृषि से बेहतर परिणाम प्राप्त करने के लिए नई तकनीकों और नवाचारों को अपनाने में भी संकोच नहीं करना चाहिए।
यह कहते हुए कि क्षेत्र में भारी खर्च के बावजूद कृषि सकल घरेलू उत्पाद में वृद्धि नहीं हुई है, तोमर ने कहा कि प्रगतिशील किसानों, जो छोटे और सीमांत किसानों की तुलना में बेहतर जानकारी रखते हैं, तो उनको गंभीरता से खेत की जीडीपी बढ़ाने के लिए कदम उठाने के बारे में सोचना चाहिए।
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