केंद्रीय उपभोक्ता मामलों, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री रामविलास पासवान ने सभी प्रकार के दालों, तिलहनों और प्याज के उत्पादन, उपलब्धता और उपभोग के तरीकों तथा आयात एवं निर्यात की स्थिति की समीक्षा करते हुए कहा कि दलहन, तिलहन और प्याजों की कीमतें स्थिर रहने की संभावना है और देश में इनकी पर्याप्त उपलब्धता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2018-19 में दालों की उपलब्धता 317 लाख टन थी जिसमें से 280 लाख टन की खपत हो गई और 37 लाख टन दलहन अभी उपलब्ध है। इसके अलावा 260 लाख टन दलहन के उत्पादन का अऩुमान है और इस साल 10 लाख टन दलहन आयात किया जाना है। मौजूदा वर्ष में सरकार के पास 307 लाख टन दलहन उपलब्ध है जिसमें से 290 लाख टन की अनुमानित खपत है। इस तरह दाल की देश में कोई कमी नहीं है। पासवान ने जोर देते हुए कहा कि यदि कहीं दाल का अवैध भंडारण पाया गया तो सरकार इसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी। पासवान ने बताया कि खाद्य तेल की भी देश में कोई कमी नहीं है। देश में वर्ष 2016-17 में 103 लाख टन तेल का उत्पादन हुआ था जबकि 250 लाख टन की मांग थी। 146 लाख टन तेल आयात कराया गया था। इस वर्ष में भी 103 लाख टन दलहन के उत्पादन का अनुमान है और मांग भी 250 लाख टन है। खाद्य तेल की कमी को आयात करके पूरा किया जाएगा। पासवान ने कहा कि खाद्य तेल की कीमत भी पिछले वर्ष की तुलना में इस साल भी लगभग स्थिर रहेगी।
रामविलास पासवान ने कहा कि मूल्य की स्थिरता की बारीकी से निगरानी की जा रही है और यदि जरूरत पड़ी तो उपभोक्ताओं को उचित दर पर जरूरी चीजें उपलब्ध कराने के लिए उचित कदम उठाये जाएंगे। उन्होंने कहा कि नाफेड के पास 50 हजार मीट्रिक टन प्याज का स्टॉक है और राज्य सरकार अपनी जरूरत के अनुसार प्याज की आपूर्ति बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार से प्याज खरीद सकती है।
